कोरोना संक्रमण की रोकथाम में राजस्थान बना मॉडल

कोरोना संक्रमण की रोकथाम में राजस्थान बना मॉडल-डॉ. रघु शर्मा

चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री का अजमेर दौरा

चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर खर्च होंगे 340 करोड़ रूपए

मेडिकल कॉलेज सभागार का नाम होगा डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार

चिकित्सा मंत्री ने किया मेडिकल कॉलेज की प्रस्तावित भूमि व अन्य निर्माण कार्य का अवलोकन

आइसोलेशन वार्ड का शिलान्यास

सभागार, कैथ लैब, रिसर्च यूनिट, स्किल सेन्टर का लोकार्पण


 चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान का कोरोना प्रबंधन बेहतरीन रहा है। पहली और दूसरी लहर में राजस्थान में जिस तरह अथक और शानदार तरीके से काम किया, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हुई है। यही कारण रहा है कि राजस्थान की मृत्यु दर सबसे कम और रिकवरी रेट अव्वल रही। वैक्सीनेशन में भी राजस्थान बेहतरीन काम कर रहा है। प्रदेश की 52 प्रतिशत जनता को अब तक वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।

चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा सोमवार को अजमेर के दौरे पर रहे। उन्होंने अजमेर में 340 करोड़ रूपए की लागत से होने वाले चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कायड़ में करीब 200 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज भवन के लिए चिन्हित भूमि का अवलोकन किया। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में स्मार्ट सिटी योजना व अन्य योजनाओं के तहत होने वाले विभिन्न कार्यों का भी अवलोकन कर प्रगति देखी। उन्होंने यहां आइसोलेशन वार्ड की आधारशिला रखी। इसके बाद सभागार, कैथ लैब, रिसर्च यूनिट एवं स्किल सेन्टर के साथ ही नए उपकरणों का भी लोकार्पण किया। 

चिकित्सा मंत्री ने सभागार का नाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार करने की घोषणा की। सभागार में चिकित्सकों का राज्यस्तरीय सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सा विभाग द्वारा अथक कार्य किया गया। चिकित्सा कर्मियों ने अपने जीवन को दांव पर लगा दिया। 

उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से निजी चिकित्सालयों से भी अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। इसके कारण पडौसी राज्यों के निवासियों ने भी अपना उपचार करवाया। उन्हें भी समस्त प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाकर कई जानें बचाई गई। कोरोना की प्रथम लहर के नियंत्रण में होने के पश्चात सरकार द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए समय-समय पर एडवाईजरी जारी की गई थी। कोरोना की दूसरी लहर में भी राजस्थान में बेहतरीन कार्य हुए। आमजन को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा, ऑक्सीजन एवं दवाईयां दी गई।

उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के पश्चात सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन 

उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। राजस्थान में एक हजार मैट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। शीघ्र ही इसे प्राप्त किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि अजमेर जिले में सर्वाधिक टीकाकरण हुआ है। प्रथम डोज में राज्य का औसत 55 प्रतिशत है। जबकि अजमेर जिले में लगभग 65 प्रतिशत व्यक्तियों को प्रथम डोज लगाई जा चुकी है। इसी प्रकार द्वितीय डोज राज्य की लगभग 16 प्रतिशत जनसंख्या को लगाई जा चुकी है। अजमेर जिले में यह प्रतिशत 21 है। 

राज्यभर में 15 लाख वैक्सीन प्रतिदिन लगाने की क्षमता विकसित की गई है। राज्य को प्राप्त होने वाली वैक्सीन को तत्काल व्यक्तियों को लगाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार किया गया है। 

उन्होंने कहा कि अजमेर जिले में चिकित्सा सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में भी आवश्यक समस्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार टीबी हॉस्पीटल तथा जनाना हॉस्पीटल के विस्तार के संबंध में विचार किया जाएगा। इसके साथ ही सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। 

चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया ने कहा कि चिकित्सा कर्मियों ने कोरोना काल में निःस्वार्थ भाव से अपना फर्ज निभाया। इससे हम सब प्रथम एवं द्वितीय लहर का मुकाबला कर पाए। राज्य में चिकित्सा शिक्षा तथा चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है। भविष्य में भी चिकित्सा के क्षेत्र में संसाधनों की कोई कमी नहीं रहेगी।

जिला कलक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित ने कहा कि कोरोना काल में ऑक्सीजन मेनेजमेंट प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण है। सरकार द्वारा घर-घर सर्वे एवं दवा वितरण के अभियान के माध्यम से संक्रमण को रोकने में सफलता प्राप्त की गई। इस प्रकार के चिकित्सकीय मेनेजमेंट के आधार पर भविष्य में आने वाली समस्त स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर पाएंगे।

समारोह में जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह ने चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. संजीव माहेश्वरी ने स्वर्णिम इतिहास से हीरक भविष्य की ओर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मेडिकल कॉलेज की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। जेएलएन चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अनिल जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति जोशी ने किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश चंद्र शर्मा, गांधी जीवन दर्शन समिति के संयोजक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, सहसंयोजक श्री शक्तिप्रताप सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह राठौड़ एवं श्री विजय जैन सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इनका किया अवलोकन

चिकित्सा व जनसम्पर्क मंत्री डॉ रघु शर्मा ने स्र्माट सिटी परियोजना के माध्यम से निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने 50 करोड़ के सर्जिकल एवं ट्रोमा वार्ड का, 36.9 करोड़ के मेडिसीन ब्लॉक का, 6.93 करोड़ के पीजी गल्र्स हॉस्टल का, 26.83 करोड़ के शिशु रोग ब्लॉक एवं मल्टी स्टोरी पार्किग, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट तथा 1.65 करोड़ की मोर्चरी का अवलोकन किया। अधिकारियों को त्वरित गति से निर्माण कार्य पूर्ण करने के संबंध में¬ आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। साथ ही सीधे मॉनिटरिंग करने के लिए भी कहा।

डॉक्टर शर्मा ने किया लोर्कापण

डॉ रघु शर्मा ने विभिन्न विकास कार्यों का जेएलएन मेडिकल कॉलेज में¬ लोकार्पण किया। यहा 13 करोड़ से अधिक लागत के सभागार का लोकार्पण हुआ। लोकार्पण¬ में 5.20 करोड़ की कार्डियोलॉजी कैथ लैब शामिल है। इस कैथ लैब में 3.54 करोड़ के उपकरण तथा 1.66 करोड़ के निर्माण कार्य कराए गए थे। बहु उपयोगी रिर्सच यूनिट (एमडीआरयू) का कार्य 5.25 करोड़ की राशि से किया गया था। मेडिकल कॉलेज म¬ें 1.4 करोड़ की लागत से स्किल स¬ेंटर का निर्माण किया गया था। इसका भी चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री द्वारा लोकार्पण किया गया।

आइसोलेशन वार्ड का किया शिलान्यास

डॉ. शर्मा ने स्मार्ट सिटी के माध्यम से निर्मित होने वाले आइसोलेशन वार्ड का शिलान्यास किया। यह वार्ड संक्रामक रोग विभाग के भवन के पीछे निर्मित होगा। इस पर 7.2 करोड़ की लागत आएगी। यह भवन 700 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसमें भूतल के अलावा 3 मंजिलें होंगी। इसके बनने से चिकित्सालय को 100 बैड का आइसोलेशन वार्ड उपलब्ध हो जाएगा।

मेडिकल कॉलेज सभागार होगा डॉ. अम्बेडकर के नाम

जेएलएन मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित सभागार का नामकरण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम से करने के सम्बंध में चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने घोषणा की। यह सभागार 13 करोड़ की लागत से निर्मित किया गया था। इसमें 800 व्यक्तियों के एक साथ बैठने की व्यवस्था है। इसे आर्क पॉइन्ट के आर्किटेक्ट श्री अमित खण्डेलवाल ने कॉन्टेम्परी आर्किटेक्चर के आधार पर डिजाइन किया था। इसमें ऑकोस्टिक का विशेष ध्यान रखा गया है।

चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इन्हें¬ किया गया सम्मानित

अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा श्री गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर राज्य स्तर पर चयनित चिकित्सा विभाग के 17 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें से 11 राजपत्रित अधिकारी तथा 6 अराजपत्रित कार्मिक थे। कार्यक्रम में¬ चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. वीर बहादुर सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन उप सचिव श्री संजय शर्मा, आचार्य, अधीक्षक एवं प्रिसिंपल मेडीकल ऑफिसर भीलवाड़ा डॉ. अरूण कुमार गौड़, चिकित्सा अधीक्षक आरयूएचएस चिकित्सालय जयपुर डॉ. अजीत सिंह शक्तावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा, अतिरिक्त अधीक्षक सवाई मानसिंह चिकित्सालय जयपुर डॉ. नरेन्द्र सिंह चौहान, सीनियर प्रोफेसर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर डॉ. सुरेन्द्र कुमार, आरयूएचएस चिकित्सालय जयपुर के डॉ. गोविन्द रांकावत, औषधि नियंत्रण अधिकारी सीकर श्री बलदेवाराम, असिंस्टेट डायरेक्टर राजमेस हैडक्वाटर जयपुर डॉ. वंदना शर्मा, स्टेट नोडल ऑफिसर (इम्यूनिटी) मुख्यालय जयपुर डॉ. देवेन्द्र सोधी, नसिर्ंग ट्यूटर हाल रजिस्ट्रार नसिर्ंग कौंसिल जयपुर श्री महेश कुमार शर्मा, नर्स ग्रेड द्वितीय जनाना अस्पताल जयपुर श्रीमती विनीता शेखावत, एएनएम उप स्वास्थ्य केन्द्र बोरी सुरपुर (डूंगरपुर) श्रीमती देवयानी पण्ड्या, जूनियर असिसटेंट आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर श्री गौरव परिहार, नर्स ग्रेड प्रथम मेडिकल कॉलेज जोधपुर श्री रविन्द्र गुप्ता तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री जमन सहाय को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।



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