मिट्टी से मिले सपनों की उड़ान: अशोक चौधरी बने राष्ट्रपति सम्मानित सेल्फ-मेड लीडर, CM भूपेंद्र पटेल ने किया सम्मानित

राजस्थान के एक साधारण किसान परिवार से निकले अशोक एच. चौधरी ने कड़ी मेहनत से Mapisa369 और Shivazza Group का नेतृत्व संभाला। राष्ट्रपति पुरस्कार और गुजरात CM सम्मान प्राप्त कर वे युवाओं के लिए प्रेरणा बने।

Sat, 21 Feb 2026 10:09 PM (IST)
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मिट्टी से मिले सपनों की उड़ान: अशोक चौधरी बने राष्ट्रपति सम्मानित सेल्फ-मेड लीडर, CM भूपेंद्र पटेल ने किया सम्मानित
मिट्टी से मिले सपनों की उड़ान: अशोक चौधरी बने राष्ट्रपति सम्मानित सेल्फ-मेड लीडर, CM भूपेंद्र पटेल ने किया सम्मानित

राजस्थान के टोंक जिले के दहलोद गाँव की मिट्टी से उठी एक कहानी आज देश-विदेश में प्रेरणा का स्रोत बन रही है। किसान परिवार में जन्मे अशोक एच. चौधरी ने जिस सफर की शुरुआत साधारण परिस्थितियों से की, वह आज नेतृत्व, गुणवत्ता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन चुका है।

एक छोटे से गाँव में पले-बढ़े अशोक चौधरी के जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन सपनों की नहीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्वीपर, गोदाम कीपर और डिलीवरी बॉय जैसे छोटे-छोटे कार्यों से की। यह वह दौर था जब हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता था। सीमित साधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने हार मानने के बजाय सीखने और आगे बढ़ने का रास्ता चुना।

लगातार मेहनत, साहसिक निर्णय और दूरदर्शिता के बल पर उन्होंने कठिनाइयों को अवसरों में बदला। आज वे शिवाज़ा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ तथा उसके प्रमुख ब्रांड Mapisa369 के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ के रूप में एक उभरते, गुणवत्ता-केंद्रित उद्योग समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। यह समूह निर्माण क्षेत्र, बिल्डिंग मटेरियल्स, कॉलोनाइजेशन, उच्च शिक्षा और फिल्म निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय है।

उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा 21 फरवरी 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उन्हें कंस्ट्रक्शन केमिकल, टाइल एडहेसिव और एपॉक्सी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट गुणवत्ता और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) गतिविधियों के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान उनके गुणवत्ता, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिबद्धता के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है।

इस प्रेरणा यात्रा में उनके भाई हितेश चौधरी ने महत्वपूर्ण साथ दिया—एक सरल एवं सशक्त व्यक्तित्व, सामाजिक कार्यकर्ता तथा गीतांजलि कॉलेज और छापरिया ग्रुप के स्वामी के रूप में। पारिवारिक सहयोग और साझा मूल्यों ने इस सफर को मजबूती दी।

व्यवसाय के साथ-साथ उन्होंने सिनेमा जगत में भी कदम रखा। उन्होंने ‘Turtle’ और ‘Waah Zindagi’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया, जिन्हें 190 से अधिक देशों में ZEE5 और Amazon जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनका दृष्टिकोण केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक है।

आध्यात्मिक रूप से भी वे सक्रिय हैं। वे एक साधक, लेखक और मेडिटेटर हैं तथा द आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन से जुड़े हैं, जहाँ उन्हें श्री श्री रवि शंकर का आशीर्वाद प्राप्त है। उनका मानना है कि सफलता का आधार केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि नैतिकता, मानवता और मर्यादा भी होना चाहिए।

Mapisa369, शिवाज़ा ग्रुप का प्रमुख ब्रांड, निर्माण रसायन क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। 25 वर्षों की विश्वसनीय विरासत से समर्थित यह समूह गुणवत्ता और टिकाऊपन पर विशेष जोर देता है। कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में टाइल एवं स्टोन एडहेसिव, एपॉक्सी ग्राउट, PU एडहेसिव, टाइल क्लीनर और वॉटरप्रूफिंग सॉल्यूशंस शामिल हैं। कंपनी का स्पष्ट संदेश है—“Construction chemicals are bonding products, not beauty products.”

CSR के क्षेत्र में भी कंपनी सक्रिय है। सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ एप्लिकेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से हजारों लोगों को, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

अशोक चौधरी का मंत्र है—“Grow together, contribute together, and celebrate together.” वे मानते हैं कि जुनून, पेशा और योगदान—ये तीनों सफलता के लिए अनिवार्य हैं। उनका स्पष्ट लक्ष्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण समाधान देना है।

गाँव की जड़ों से निकली यह सोच जब वैश्विक दृष्टि से जुड़ती है, तो इतिहास बनता है। अशोक एच. चौधरी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे, सही दिशा और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

Junja Ram मेरा नाम जुंजा राम है। पत्रकारिता के क्षेत्र में 07 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। अब मैं सांगरी टुडे हिंदी के साथ एडिटर इन चीफ के तौर पर काम कर रहा हूँ। ईमेल: junjaram@hindi.sangritoday.com