'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस राम' इन दिनों थिएटर्स में शानदार प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों के दिलों में एक बार फिर अपनी जगह बना रही है। यह महाकाव्य हर भारतीय के लिए खास है, क्योंकि इसमें रिश्तों की गहराई, अच्छाई की बुराई पर जीत, प्रकृति और जीवन का संतुलन, दोस्ती और विश्वास जैसे गहरे मूल्य खूबसूरती से बुने गए हैं। हाल ही में इस फिल्म को 4K फॉर्मेट में दोबारा बड़े पर्दे पर रिलीज़ किया गया, जिससे पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ गई। जहां इसने दर्शकों को नॉस्टैल्जिया से भर दिया, वहीं इसने नई पीढ़ी को भारत की इस महान सांस्कृतिक कहानी से जोड़ने का एक खूबसूरत जरिया भी बना दिया। 'रामायण' का यह जादुई अनुभव लोगों के लिए यादगार बनता जा रहा है!
'रामायणः द लेजेंड ऑफ प्रिंस राम' सिर्फ अपनी कहानी और शानदार एनीमेशन के लिए नहीं, बल्की कई बड़े नामों की वजह से भी खास है। इनमें से एक नाम दिवंगत सुनील दत्त का है, जो एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ लोकसभा के पूर्व सदस्य भी थे। उन्होंने इस फिल्म के लिए स्पेशल एडवाइज़र के रूप में अहम भूमिका निभाई थी।जी हां, संजय दत्त के पिता, सुनील दत्त का इस फिल्म में बहुत बड़ा हाथ था। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन ने इस महाकाव्य को एक नई ऊंचाई दी। उनका यह योगदान इस फिल्म को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में बेहद अहम साबित हुई, और यह फिल्म हमेशा याद रखी जाएगी !
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'रामायणः द लेजेंड ऑफ प्रिंस राम' एक खास जापानी एनीमे अडैप्टेशन है, जो वाल्मीकि के महाकाव्य को इंडिया और जापान की संस्कृतियों का बेहतरीन मेल बनाकर पेश करती है। इस फिल्म की शुरुआत और बनावट में दिवंगत श्री सुनील दत्त का अहम योगदान था। वो न सिर्फ एक बड़े अभिनेता, फिल्म निर्माता और निर्देशक थे, बल्कि भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री भी मिला था। उन्होंने इस फिल्म के लिए स्पेशल एडवाइज़र के तौर पर काम किया, और उनका योगदान इस फिल्म को खास बनाने में अहम था।
'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस राम' इस वक्त भारत में गीक पिक्चर्स इंडिया, एए फिल्म्स और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म 24 जनवरी, 2025 को 4K फॉर्मेट में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, और तेलुगू में रिलीज़ की गई थी।
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