अखिल राजस्थान राज्य कृषि पर्यवेक्षक संगठन की महासमिति बैठक और चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न
पुष्कर में दो दिवसीय महासमिति बैठक में राहुल टोडावता सर्वसम्मति से प्रदेशाध्यक्ष चुने गए। महिला भागीदारी बढ़ाने और जिलों में चुनाव कराने का फैसला।
अजमेर। राजस्थान के कृषि विभाग से जुड़े हजारों कर्मचारियों की आवाज़ को बुलंद करने वाला संगठन एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। अखिल राजस्थान राज्य कृषि पर्यवेक्षक संगठन की दो दिवसीय प्रांतीय महासमिति बैठक और चुनाव ब्रह्मा नगरी पुष्कर के जाट धर्मशाला सभागार में संपन्न हुए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से श्री राहुल टोडावता को नया प्रदेशाध्यक्ष चुन लिया।
बैठक के पहले दिन शनिवार को उद्घाटन सत्र की शुरुआत संगठन के संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने की। उन्होंने महासमिति के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की। संगठन के वरिष्ठ नेता नवरंग शर्मा की अध्यक्षता में संविधान संशोधन कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। सबसे अहम फैसला महिला कार्मिकों की भागीदारी बढ़ाने का रहा, जिससे संगठन में लैंगिक समावेशिता को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, लंबे समय से जिलों में लंबित संगठनात्मक चुनावों को हर हाल में 28 फरवरी तक पूरा करने का स्पष्ट लक्ष्य रखा गया।
इस दौरान 12 फरवरी को जयपुर में होने वाली राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की महारैली में कृषि कार्मिकों की संभावित भागीदारी की भी समीक्षा हुई। विभिन्न जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर अनुमान है कि इस रैली में दो हजार से अधिक कृषि कर्मचारी शामिल होंगे। यह महारैली राज्य के कर्मचारी वर्ग की मांगों को सरकार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
रविवार को दूसरे दिन की कार्यवाही में पाली, सिरोही, बूंदी, बाड़मेर, टोंक, करौली, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अलवर, सीकर, झालावाड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित 35 से अधिक जिलों के अध्यक्षों ने एकमत से राहुल टोडावता को प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए अपना समर्थन दिया। इस सर्वसम्मति के बाद निवर्तमान अध्यक्ष श्री आनंद सिंह एवं श्री अमर सिंह सहारण ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
बैठक में दो सौ से अधिक कृषि पर्यवेक्षक, सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा सहायक कृषि अधिकारी मौजूद रहे। संगठन की इस एकजुटता से साफ दिखता है कि कृषि पर्यवेक्षक वर्ग अपनी सेवा शर्तों, वेतन विसंगतियों और अन्य मुद्दों पर अब और मुखर होकर आवाज़ उठाने को तैयार है।
कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में वयोवृद्ध नेता मोतीलाल चांपावत, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आनंद सिंह, केदार शर्मा, अशोक कुमार कलवानिया, पूरण फौजदार, शिवशंकर उपाध्याय, गोविंद तिवाड़ी, दिनेश भंसाली, बाबूलाल गुर्जर, कर्णसिंह भाटी और महिला संयोजिका भावना भांभू शामिल रहे। शुरुआत में नरेंद्र शुक्ला ने अलवर में आयोजित पिछली महासमिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजस्थान में कृषि विभाग की भर्ती प्रक्रियाएं और कर्मचारी कल्याण के मुद्दे चर्चा में हैं। संगठन के नए नेतृत्व के साथ उम्मीद है कि कृषि पर्यवेक्षकों की लंबित मांगें जल्द हल होंगी और विभाग में बेहतर कार्य वातावरण बनेगा।
