फेमिना मिस इंडिया की रनर-अप ने रण उत्सव में बिखेरी चमक
फेमिना मिस इंडिया 2023 की 1st रनर-अप श्रेया पूंजा और 2024 की 1st रनर-अप रेखा पांडेय ने गुजरात के रण उत्सव में सफेद रेगिस्तान की शांति, संस्कृति और सस्टेनेबल पर्यटन को करीब से महसूस किया।
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
फरवरी 21, 2026 • 2:43 PM 0
फ
फैशन
NEWS CARD
“फेमिना मिस इंडिया की रनर-अप ने रण उत्सव में बिखेरी चमक”
फेमिना मिस इंडिया की रनर-अप ने रण उत्सव में बिखेरी चमक
गुजरात का रण उत्सव हर साल अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक जीवंतता से दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। हाल ही में इस उत्सव ने एक नया रंग पाया जब फेमिना मिस इंडिया 2023 की प्रथम उपविजेता श्रेया पूंजा और फेमिना मिस इंडिया 2024 की प्रथम उपविजेता रेखा पांडेय ने यहां पहुंचकर सफेद नमक के विशाल मैदान को अपनी मौजूदगी से और निखारा। दोनों सुंदरियों की यह यात्रा केवल सौंदर्य प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि गुजरात के पर्यटन मॉडल की गहराई को समझने और उसकी सराहना करने का एक खूबसूरत माध्यम बनी।
धोरडो गांव, जहां रण उत्सव का मुख्य आयोजन होता है, संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा 2023 में 'बेस्ट टूरिज्म विलेज' का खिताब जीत चुका है। यह सम्मान यहां की उस कोशिश को मान्यता देता है जिसमें सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण और पर्यावरण संतुलन को एक साथ जोड़ा गया है। उत्सव के दौरान सफेद रेगिस्तान रंगों की महफिल में बदल जाता है — कच्छी लोक संगीत की मधुर धुनें, पारंपरिक नृत्य, हस्तशिल्प की दुकानें और स्थानीय व्यंजनों की महक हर आने वाले को एक यादगार अनुभव देती हैं।
श्रेया और रेखा ने उत्सव की मुख्य चमक-दमक के साथ-साथ कच्छ की कम ज्ञात शांतियों को भी अपनाया। उन्होंने रेगिस्तानी मार्गों पर बाइक से सफर किया, जहां दूर-दूर तक फैला सफेद क्षितिज और खुला आसमान एक अलग ही आजादी का एहसास कराता है। श्रेया पूंजा ने इस अनुभव को शेयर करते हुए कहा, “मैंने कच्छ के कुछ अनजाने रेगिस्तानी रास्तों पर बाइक चलाई और सच कहूं तो ऐसा लगा जैसे स्वर्ग की सड़क पर चल रही हूं। चारों ओर इतनी शांति और खुलापन है कि आप खुद को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करते हैं। यहां आने वाला हर यात्री आज़ादी और सुकून का वही एहसास पाएगा।”
यह यात्रा गुजरात को एडवेंचर प्रेमियों और स्लो ट्रैवल के शौकीनों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यात्रा में ऐतिहासिक महत्व तब जुड़ा जब दोनों ने धोलावीरा का भ्रमण किया। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख शहर था, जहां हजारों साल पहले उन्नत जल प्रबंधन और सुनियोजित शहरी योजना मौजूद थी। यह आज भी प्राचीन भारतीयों की वैज्ञानिक दृष्टि और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण है।
क्या आप व्हाट्सऐप पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
व्हाट्सऐप पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
उत्सव की एक खास विशेषता टेंट सिटी को 'नो-प्लास्टिक ज़ोन' बनाना है। यहां कचरा प्रबंधन की व्यवस्थित प्रक्रिया, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग और जिम्मेदार पर्यटन नीतियां इसे टिकाऊ पर्यटन का मॉडल बनाती हैं। रेखा पांडेय ने इस पहलू पर बात करते हुए कहा, “यहां हर व्यवस्था सोच-समझकर की गई है। नो-प्लास्टिक ज़ोन से लेकर कचरा प्रबंधन तक, सब कुछ जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है। यह अनुभव बताता है कि उत्सव और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।”
कच्छ की शिल्प कला भी दोनों को गहरे तक छू गई। गांधी नु गाम जैसे गांवों में अजरख प्रिंटिंग, कच्छी कढ़ाई और रोगन आर्ट जैसी पारंपरिक कलाएं आज भी जीवंत हैं। ये कला रूप केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि पीढ़ियों से संजोई गई सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।
सूर्यास्त के बाद रण का नजारा चांदनी में और भी जादुई हो जाता है। नमक की चमकती सतह, लोक संगीत की गूंज और खुले आसमान तले सजी शाम — ये सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जो दिल को छू लेता है।
कच्छ का रण अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं रहा। यह दिखाता है कि संस्कृति, समुदाय और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर पर्यटन को कैसे नई दिशा दी जा सकती है। फेमिना मिस इंडिया की इन दो प्रतिभाओं की यात्रा ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर यादें बनाईं, बल्कि गुजरात के इस अनोखे पर्यटन मॉडल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर और मजबूती से स्थापित किया।
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
Sangri Today is a Weekly Bilingual Newspaper and website of news and current affairs that publishes news reports from various places, from general reports to opinion, analysis and fact checks.