जयपुर में 'कलर्स ऑफ इंडिया' ने रचा इतिहास, परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम
जयपुर के 'कलर्स ऑफ इंडिया' इवेंट में भारतीय एथनिक वियर और मॉडर्न फैशन का शानदार मेल देखा गया। पारंपरिक आभूषणों और साड़ियों ने नया ट्रेंड सेट किया।
जयपुर। गुलाबी नगरी की चमक में एक शाम ऐसी गुजरी, जब भारतीय संस्कृति के रंग रैंप पर बिखरे और फैशन की दुनिया ने एक नया अध्याय लिखा। 'फॉरएवर स्टार इंडिया' द्वारा आयोजित 'कलर्स ऑफ इंडिया' नामक यह प्री-फिनाले इवेंट मिस यूनिवर्स और मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले से पहले का एक यादगार पड़ाव साबित हुआ। होटल रॉयल ऑर्चिड में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल फैशन को नई ऊंचाई दी, बल्कि भारत की समृद्ध परंपराओं को आधुनिक तर्ज पर पेश कर एक नया बेंचमार्क स्थापित किया।
यह शाम महज एक फैशन शो नहीं थी; यह भारत की विविधता का जीवंत उत्सव थी। देश के अलग-अलग कोनों से आईं प्रतिभागियों ने अपने राज्यों की विशिष्टता को रैंप पर उतारा। राजस्थान के पारंपरिक ब्लॉक प्रिंट्स और गोटा-पत्ती के काम से सजी पोशाकें, दक्षिण भारत की शानदार सिल्क साड़ियां, बंगाल की नाजुक तांत — हर लुक में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल देखने को मिला। इन परिधानों को एक नई मॉडर्न ट्विस्ट के साथ पेश किया गया, जिसने दर्शकों को यह महसूस कराया कि भारतीय एथनिक वियर किसी भी वैश्विक हाई-स्ट्रीट फैशन से कम नहीं।
फैशन की इस शाम को और भी खास बनाने में ज्वेलरी और ब्यूटी का अहम योगदान रहा। नेक्स्ट जनरेशन गोल्ड ज्वेलरी की अंशु अग्रवाल और जोड़ी ज्वेलरी के रौनक अग्रवाल जूरी में शामिल थे। प्रतिभागियों ने पारंपरिक स्वर्ण आभूषणों को ट्रेंडी स्टाइल में कैरी किया, जिसने आने वाले वेडिंग सीजन के लिए नए ट्रेंड्स की नींव रख दी। साथ ही, SR कॉस्मेटिक वर्ल्ड के रंजीत सिंह राजावत के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स ने मॉडल्स के चेहरे पर वह प्राकृतिक ग्लो ला दिया, जो हर किसी को आकर्षित कर गया।
रैंप की असली जान कोरियोग्राफी में थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कोरियोग्राफर शाय लोबो ने उत्तम भगत और विनू मिश्रा के साथ मिलकर हर स्टेप को इतना जीवंत बनाया कि दर्शक आंखें फाड़े देखते रह गए। हर वॉक एक विजुअल ट्रीट की तरह लगी, जिसमें संगीत, लाइटिंग और पोशाकों का तालमेल परफेक्ट था।
कार्यक्रम के संस्थापक राजेश अग्रवाल और डायरेक्टर जया चौहान ने इस इवेंट का मकसद साफ किया। उन्होंने कहा कि 'कलर्स ऑफ इंडिया' का उद्देश्य फैशन को सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान बनाना है। इस शाम ने न केवल प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया, बल्कि 21 दिसंबर को जी स्टूडियो जयपुर में होने वाले मिसेस यूनिवर्स और मिसेस इंडिया ग्रैंड फिनाले के लिए एक उत्साहपूर्ण और हाई-फैशन माहौल तैयार कर दिया।