सिद्धांत मोशन पिक्चर्स प्रस्तुत करता है, गुजराती सिनेमा में मातृत्व की खुशबू, 'मलुमाड़ी'
गुजराती सिनेमा एक ऐसी फिल्म का स्वागत करने
जा रहा है, जो केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुँचती
है। “मलुमाड़ी”, सिद्धांत मोशन पिक्चर्स द्वारा प्रस्तुत और विक्रम पटोलिया व किरण
खोकाणी द्वारा निर्मित, 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
यह फिल्म किसी काल्पनिक नायिका की कहानी नहीं
है।
यह फिल्म है , हर गुजराती...
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
जनवरी 29, 2026 • 12:17 PM 0
म
मनोरंजन
NEWS CARD
“सिद्धांत मोशन पिक्चर्स प्रस्तुत करता है, गुजराती सिनेमा में मातृत्व की खुशबू, 'मलुमाड़ी'”
सिद्धांत मोशन पिक्चर्स प्रस्तुत करता है, गुजराती सिनेमा में मातृत्व की खुशबू, 'मलुमाड़ी'
गुजराती सिनेमा एक ऐसी फिल्म का स्वागत करने जा रहा है, जो केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुँचती है। “मलुमाड़ी”, सिद्धांत मोशन पिक्चर्स द्वारा प्रस्तुत और विक्रम पटोलिया व किरण खोकाणी द्वारा निर्मित, 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
“गुजरात की मधर इंडिया” कही जाने वाली मलुमाड़ी, गुजराती माताओं के निस्वार्थ प्रेम, अडिग साहस और मौन बलिदान को भावनात्मक रूप से समर्पित है , उस मातृत्व को, जो खुद पीछे रहकर पूरे परिवार को आगे बढ़ाता है।
निर्देशक मिलन जोशी के संवेदनशील निर्देशन में बनी मलुमाड़ी प्रेम, त्याग और पारिवारिक एकता की ऐसी कहानी कहती है, जो पीढ़ियों तक दिलों में गूंजती है। यह एक पारिवारिक और संस्कारों से जुड़ी फिल्म है , जिसमें भावना, त्याग, सच्चाई और एक मां के अपनापन का एहसास है।
जब भावना और परंपरा एक साथ चलें।
मलुमाड़ी एक ऐसी कहानी है, जो हर गुजराती घर में कहीं न कहीं जीवित है, जहाँ माँ परिवार की भावनात्मक रीढ़ बनकर मजबूती से खड़ी रहती है।
फिल्म का यह संवाद उसकी आत्मा को पूरी तरह व्यक्त करता है: “इन जाति-पांति की दीवारों का बोज मेरे हिस्से का पाप नहीं है।”
ये शब्द केवल संवाद नहीं हैं , ये एक माँ की हिम्मत हैं, जो समाज के भेदभाव के सामने मानवता और अपने परिवार को चुनती है।
फिल्म आज के सामाजिक सवालों को संवेदनशीलता से छूती है और यह याद दिलाती है कि परिवार की असली ताकत प्रेम में होती है, बँटवारे में नहीं।
संगीत जो सीधा दिल में उतर जाए।
फिल्म का संगीत हरमन मेर ने दिया है और गीतों के बोल किरण खोकाणी ने लिखे हैं और खास तौर पर टाइटल ट्रैक मातृत्व के प्रेम और मौन त्याग को इतनी सादगी से बयान करता है कि सुनने के बाद शब्दों से ज़्यादा भावना बोलती है।
अभिनय जो महसूस किया जाए,
मुख्य भूमिका में भारती ठक्कर का अभिनय केवल देखा नहीं जाता, बल्कि महसूस किया जाता है। यह उनके करियर की सबसे संवेदनशील और प्रभावशाली भूमिकाओं में से एक मानी जा सकती है।
साथ ही एक सशक्त कलाकार मंडली , आकाश पंड्या, प्रियम तलाविया, गुरुभाई जेठवा, दिया भट्ट, विजय झाला, आशीषोष सोलंकी और वरिष्ठ कलाकार अशोक पटेल व निहारिका दवे, फिल्म को और गहराई देते हैं।
सिनेमैटोग्राफर जयेश कौशिक की अनुभवी नज़र फिल्म को वास्तविकता और भावनात्मक गर्माहट देती है। प्रोजेक्ट का संचालन पार्थ नवडिया द्वारा और प्रोडक्शन हेड भारत डोंडा द्वारा किया गया है।
निर्माता विक्रम पटोलिया कहते हैं,
“मलुमाड़ी सिर्फ एक फिल्म नहीं है , यह हर घर की कहानी है। जहाँ एक माँ चुपचाप पूरे परिवार को जोड़कर रखती है। यह फिल्म उन सभी माताओं की भावनाओं को सम्मान देने की हमारी एक छोटी-सी कोशिश है।”
नेक्सा इन्फोटेक द्वारा संचालित डिजिटल प्रमोशन के साथ, मलुमाड़ी ने सोशल मीडिया पर पहले ही एक भावनात्मक जुड़ाव बना लिया है। ट्रेलर को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, और #malumadifilm लगातार लोकप्रिय हो रहा है।
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
Sangri Today is a Weekly Bilingual Newspaper and website of news and current affairs that publishes news reports from various places, from general reports to opinion, analysis and fact checks.