Praanshu Vasudeva aka PRAA की अगली Qawwali बनेगी देश की नई आध्यात्मिक सनसनी
PRAA की यह नई Qawwali सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव होने जा रही है—एक ऐसी धुन जो दिल को नरम कर दे, आंखों को नम कर दे और अंदरूनी सुकून को जागृत कर दे।
भारतीय संगीत जगत में एक नई हलचल महसूस की जा रही है—और इस लहर के केंद्र में हैं उभरते हुए soulful कलाकार Praanshu Vasudeva aka PRAA, जिनकी अगली Qawwali आने से पहले ही चर्चा का केंद्र बन चुकी है। बताया जा रहा है कि यह Qawwali ऐसी गहराई, ऐसी रूहानियत और ऐसी शांति लेकर आएगी, जिसकी तुलना लोग पहले ही Khwaja Mere Khwaja और Kun Faya Kun जैसी दिग्गज रचनाओं से कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो PRAA की यह नई Qawwali सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव होने जा रही है—एक ऐसी धुन जो दिल को नरम कर दे, आंखों को नम कर दे और अंदरूनी सुकून को जागृत कर दे। PRAA खुद इस Qawwali को अपने करियर का सबसे बड़ा और सबसे दिल से जुड़ा प्रोजेक्ट बता रहे हैं।
PRAA ने हमेशा कहा है कि उनकी कला को सबसे ज्यादा मजबूती मिली है उनके पिता Rajeev Vasudeva के यकीन और समर्थन से। और जैसे उनकी romantic hit Saajna Ve में उनकी सात महीने की बेटी “lucky charm” बनी थी, वैसे ही इस Qawwali में भी उनकी वही भावनात्मक गहराई झलकने वाली है। PRAA मानते हैं कि बेटी के आने के बाद उनकी आवाज़ में एक अलग ही मिठास और सच्चाई उतर आई है—और यही बदलाव इस रूहानी Qawwali में भी महसूस किया जा सकेगा।
इस प्रोजेक्ट को मजबूती देने में Tarun Gaur का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने PRAA के साथ मिलकर इस Qawwali को एक बड़े स्तर पर विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, Qawwali के बोल लिखे हैं Honey Wahi ने—जो भावनाओं को सरलता में ढालने के लिए जाने जाते हैं। उनके लिखे अल्फ़ाज़ में वह रूहानी छुअन है जो हर श्रोता को भीतर तक प्रभावित करने वाली है।
टीम से जुड़े करीबी सूत्र यह भी बताते हैं कि PRAA इस Qawwali को सिर्फ एक रिलीज़ नहीं, बल्कि एक चढ़ावा, एक भक्ति, एक इबादत की तरह देख रहे हैं। प्रोडक्शन टीम पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि यह Qawwali भारत की सबसे चर्चित, सबसे प्रभावशाली और सबसे आध्यात्मिक रचनाओं में शामिल होने वाली है।
देश के म्यूज़िक प्रेमी इस रिलीज़ का इंतज़ार ऐसे कर रहे हैं जैसे कोई उत्सव आने वाला हो। और अगर शुरुआती चर्चा, टीम की मेहनत और PRAA की आत्मा से निकली आवाज़ को देखा जाए—तो यह कहना गलत नहीं होगा कि यह Qawwali आने वाले महीनों में पूरे भारत को अपनी रूहानी तरंगों से भर देगी।
