जोधपुर में कर्फ्यू के दौरान बंद 6 दिन के इंटरनेट, डेटा कंपनियां उपभोक्ताओं को प्रदान करे- एडवोकेट हांणियाँ

जोधपुर में कर्फ्यू के दौरान बंद 6 दिन के इंटरनेट, डेटा कंपनियां उपभोक्ताओं को प्रदान करे- एडवोकेट हांणियाँ

मदनसिंह के राजपुरोहित

कुछ दिनों पहले जोधपुर में हुए दंगों के बाद जोधपुर शहर के कुछ हिस्सों में में लगाए गए कर्फ्यू और जोधपुर महानगर वह जोधपुर ग्रामीण में 2 मई की मध्य रात्रि से लेकर 8 मई की शाम तक 6 दिन तक विभिन्न मोबाइल कंपनियों द्वारा दी जाने वाली इंटरनेट सुविधाओं को पूर्ण रूप से सभी इंटरनेट प्रदाता टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बंद कर दिया गया जिस कारण लाखों उपभोक्ताओं ऑनलाइन व्यवसायियों छात्रों ईमित्र धारको आदि को अनेकों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

 इस नोट बंदी के दौरान विभिन्न इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों को प्रतिदिन लाखों रुपए का अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचा जबकि उपभोक्ताओं द्वारा लिए गए प्लान को अबाधित रुप से तय की गई नियत अवधि तक सुचारू रूप से जारी रखना था। परंतु इस दौरान इन सभी उपरोक्त इंटरनेट प्रदाता कंपनियों द्वारा अपने उपभोक्ताओं को इस अवधि के दौरान बंद की गई इंटरनेट सुविधाओं को आगे नियत अवधि के पश्चात बढ़ाने का किसी भी प्रकार की इंश्योरेंस ई नहीं प्रदान की गई जिससे मोबाइल इंटरनेट प्रदाता कंपनियों को अनुचित रुप से लाभ पहुंचा है तथा इंटरनेट मोबाइल कंपनियों द्वारा दिए गए प्लान के वादे को पूर्ण कंपनी में पूर्णतया असफल रही है I

इसलिए सभी इंटरनेट नेटवर्किंग कंपनियों द्वारा अपने अपने  सभी उपभोक्ताओं को उनके लिए गए इंटरनेट डाटा पैक प्लान में 6 दिन तक बंद रहे इंटरनेट डाटा को सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर उनके मासिक द्विमासिक त्रैमासिक या अन्य प्लान में जोड़ने हेतु सभी कंपनियों को एडवोकेट रामनिवास हांणियाँ द्वारा कानूनी नोटिस भेजे गए हैं।
 
वोडाफोन आइडिया के उपभोक्ता राकेश माचरा एयरटेल के उपभोक्ता महेंद्र काछबाणी बीएसएनल के उपभोक्ता महेंद्र दाधीच जिओ के उपभोक्ता लोकेश गोयल की ओर से अधिवक्ता रामनिवास हांणियाँ ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ साथ भारती एयरटेल लिमिटेड वोडाफोन आइडिया लिमिटेड रिलायंस जिओ भारत संचार निगम लिमिटेड को कानूनी नोटिस भेजकर 6 दिन तक बंद रहे इंटरनेट के दौरान ग्राहकों के पैकेज से बचे डाटा को उनके नंबरों पर पूरी हो रही वैलिडिटी के बाद 6 दिन का उनका अतिरिक्त डाटा प्रदान करने हेतु नोटिस के माध्यम से निवेदन किया गया है अन्यथा उपभोक्ता के साथ उनके मौलिक अधिकारों के साथ हुए हनन एवं कुठाराघात के विरुद्ध उपभोक्ता अपने अधिवक्ता के माध्यम से सक्षम न्यायालय में कंपनियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे!

एडवोकेट रामनिवास हांणियाँ ने बताया कि टेलीकॉम कंपनियों  द्वारा बंद किया गया डाटा उनके उपभोक्ताओं की सेवा में कमी को दर्शाता है अपने उपभोक्ता को उनके डाटा प्लान के अनुसार डाटा उपलब्ध करवाना कंपनियों की जिम्मेवारी है।