15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्राधीकार-पत्र प्रशिक्षण का समापन

15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्राधीकार-पत्र प्रशिक्षण का समापन
15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्राधीकार-पत्र प्रशिक्षण का समापन
खुदरा उर्वरक विक्रेता किसानों का ज्ञान वर्धन करें - डॉ. आर.ए. कौशिक 
प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर द्वारा आयोजित 15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण (दिनांक 22 अगस्त से 5 सितम्बर, 2022) के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय निदेशक प्रसार, डॉ. आर.ए. कौशिक, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षणार्थियों से आव्हान किया कि वे सच्ची लगन व निष्ठा से अपने व्यवसाय के साथ किसानों को सही समय पर सही सुझाव देकर अप्रत्यक्ष रूप से उनके लिए बदलाव अभिकर्ता के रूप में सहायता करें। अपने उद्बोधन में डॉ. आर.ए. कौशिक ने यह भी कहा कि इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के उपरान्त सभी उर्वरक विक्रेताओं को किसानों से सीधा सम्पर्क स्थापित कर विभिन्न प्रकार की नवीनतम एवं आधुनिक कृषि तकनीकियों को अपनाने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए और उनकी आमदनी को बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
साथ ही यह भी बताया कि ज्ञान को सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। अतः प्रतिभागियों को कृषि सम्बन्धित नवीनतम साहित्य एवं विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के सम्पर्क में रहना चाहिए ताकि कृषि में हो रहे नवाचारों द्वारा आप किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित कर सकते है। इस अवसर पर डॉ. पी.सी. चपलोत, आचार्य, प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर ने उर्वरकों के सन्तुलित उपयोग एवं मृदा परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पोषक तत्व प्रबन्धन, समन्वित पोषक तत्व के लाभ, जैविक खेती और उसके लाभ, कार्बनिक खेती आदि के बारे में भी चर्चा की। 
प्रसार शिक्षा वैज्ञानिक, डॉ. राजीव बैराठी ने बताया कि इस प्रशिक्षणार्थियों को उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के उपाय सुझाऐं तथा टिकाऊ खेती समन्वित कृषि पद्धति की फसल विविधीकरण आदि विषयों पर जानकारी देकर उनका ज्ञान वर्धन किया। 
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. लतिका व्यास, प्राध्यापक ने बताया कि इस प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों-उदयपुर, राजसमंद, टांेक आदि से 26 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया जिन्हें उर्वरक सर्टिफिकेट कोर्स सम्बन्धी सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक जानकारियां विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि वैज्ञानिकों एवं राज्य सरकार के कृषि अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई। साथ ही अपने विचार व्यक्त करते हुए इस प्रशिक्षण का लाभ किसानों तक पहुंचाने की अपील की।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी साहित्य प्रदान किये गये। प्रशिक्षण के समापन समारोह में पधारे सभी अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।