श्री आशापुरी महोदरी माताजी मंदिर का 48 वां वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित

जानकारी के अनुसार श्री आशापुरी महोदरी माताजी मन्दिर के शिखर पर  ध्वजारोहण के लाभार्थी परिवार  शाह रतनलाल भगवानदास राठौड़ जैन कालंद्री सिरोही हाल धुलिया महाराष्ट्र के परिवार की और से  शिखर पर लाभार्थीयो ने पंडित ललित त्रिवेदी के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ शिखर पर ध्वजारोहण किया।

श्री आशापुरी महोदरी माताजी मंदिर का 48 वां वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित
श्री आशापुरी महोदरी माताजी मंदिर का 48 वां वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित
मोदरान। स्थानीय कस्बे में स्थित चमत्कारिक विश्व प्रसिद्ध श्री आशापुरी महोदरी माताजी मंदिर समस्त भक्तों की और मंदिर पुजारी, पंडित  व ध्वजा लाभार्थी  राठौड़ जैन परिवार द्वारा मन्दिर शिखर पर हर वर्ष की भांती इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव ध्वजारोहण गुरुवार को साधारण कार्यक्रम के साथ आयोजित किया गया। जानकारी के अनुसार श्री आशापुरी महोदरी माताजी मन्दिर के शिखर पर  ध्वजारोहण के लाभार्थी परिवार  शाह रतनलाल भगवानदास राठौड़ जैन कालंद्री सिरोही हाल धुलिया महाराष्ट्र के परिवार की और से  शिखर पर लाभार्थीयो ने पंडित ललित त्रिवेदी के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ शिखर पर ध्वजारोहण किया।

उसके बाद श्री आशापुरी महोदरी माताजी की  महाआरती व पुजाअर्चना कर देश मे  खुशहाली की कामना की। 
इस अवसर पर श्री आशापुरी माताजी की मंदिर की ध्वजा के लाभार्थी शा. रतनलाल भगवानजी राठोड परिवार , शा.अमित लखमीचंद राठोड परिवार, शा. ताराचंद धर्माजी राठोड (हावेरी), शा. नरेंद्र मनरूपचंद राठोड, शा. राजेन्द्र मनरूपचन्द राठोड शा.भरत रत्नचन्द राठोड, शा. भरत मगनलाल राठोड (कालंद्री) इन पुरे परिवार की उपस्थिति मे मंदिर की 48 वी ध्वजारोहण कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

48 वी ध्वाजारोहण पर हुआ साधारण कार्यक्रम
वही आपको ज्ञात रहे  18 जुन 1975, बुधवार  को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी, 2032  तिथि को मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा व मुक्ति स्थापना समारोह आयोजित किया गया था जिसके उपलक्ष्य में हर वर्ष की भांति आज ज्येष्ठ सुद दशमी को 48 वी वर्षगांठ पर मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण कर मनाया गया। लेकिन ट्स्ट मंडल की और से कोई भी कार्यक्रम व भजन संध्या का आयोजन नहीं किया गया जबकी हर गांव व शहर मे ध्वजारोहण का भव्य विशाल कार्यक्रम आयोजित होता हैं लेकिन यहां पर साधारण कार्यक्रम होने से माताजी के भक्तो मे ट्रस्ट के प्रति भारी रोष प्रकट किया जा रहा है।