राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत

राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत

राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत

उदयपुर जिला मुख्यालय पर बुधवार का दिन मातृशक्ति के नाम रहा। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा के मुख्य आतिथ्य में राजीविका परियोजना के तत्वावधान में उदयपुर के गांधी ग्राउंड में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ विशाल ‘समूह संबल संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं के हुजूम को देखते हुए शहर का गांधी ग्राउण्ड प्रांगण महिला सशक्तिकरण का साक्षी बना। जिला प्रशासन और राजीविका ने श्री मीणा के संवाद को देखते हुए जिलेभर के 20 ब्लॉक्स से 5 हजार महिलाओं को आमंत्रित किया था परंतु महिलाओं में उत्साह इतना था कि करीब 12 हजार महिलाएं इस संवाद में पहुंची और महिला सशक्तिकरण के इस मेले में संवाद स्थापित किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने भी हजारों महिलाओं को एकत्र देखकर खुलकर उनसे संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार के सहयोग से उन्हें सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत महिला सशक्तिकरण के लिए संवेदनशील है, समूह संबल संवाद सरकार के प्रयासों को अमलीजामा पहनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार गंभीर प्रयास करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं उन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने महिला समूहों को आयजनक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यमों से हुनर को तराशने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को विशिष्ट पहचान और बिक्री हेतु उपयुक्त मार्केट मिले तभी सरकार की मंशा पूर्ण होगी। विविध आयजनक गतिविधियों से हर महिला 5 से 10 हज़ार कमा लेगी तभी आजीविका मिशन का सपना साकार होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार महिला समूहों के लिए अब महिला बैंक बनाने जा रही है जिनका संचालन महिलाओं के हाथों में ही होगा। इसके लिए 50 करोड़ रुपये को प्रावधान भी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से महिला समूहों को आजीविका गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित बैंकों को निर्देश दिए कि हर महिला समूह को ऋण मिले ताकि उनकी आयजनक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें लाभान्वित करे।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों को अपडेट करे। इनमें नवाचारों को शामिल करते हुए इन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो और देश दुनिया तक राजीविका का ‘राज ब्रांड‘ पहुंचे इसके लिए प्रभावी प्रयास किये जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सरकार की योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात कही।

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा के महिला समूहों से संवाद के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से आई एक महिला समूह की महिला भावना भावुक हो उठी। उसने कहा कि वो पहले घूंघट के पहरे में रहती थी और मजबूरी में नरेगा में भी काम करना पड़ा। मगर सरकार ने राजीविका के माध्यम से महिलाओं को संबंल प्रदान करने का जो कार्य किया है उससे मुझ जैसी अनेक बहिनों को विशिष्ट पहचान के साथ सम्मान मिल रहा है और आज राजीविका के कारण ही हम सब इस मंच तक पहुंच सकी है। इसी प्रकार समूह की एक और महिला माया देवी ने कहा कि वे तो समूह से जुड़ने से पहले 20 रुपये नहीं गिनती थी, अब मैं 20 हजार रुपये गिन रही हूं। मंत्री और अन्य अतिथियों ने भी भावना और मायादेवी के जज्बे की तारीफ की और कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व वाली इस सरकार की योजनाओं से महिलाएं सशक्त होने के साथ आत्मनिर्भर बन रही है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने अपने संबोधन में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य में हो रही महिला सशक्तिकरण गतिविधियों के बारे में बताया। वल्लभनगर विधायक प्रीति गजेन्द्रसिंह शक्तावत ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार प्रभावी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से आज विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने विशेष मुकाम हासिल किया है, महिलाएं आत्मनिर्भर बनी है और इसी वजह से महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल उदयपुर में देखने को मिली है। धरियावद विधायक श्री नगराज मीणा ने कहा कि राजीविका के कार्यों से आदिवासी अंचल की महिलाएं आज आत्मनिर्भर हुई है। मुख्यमंत्री गहलोत जनजाति वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हीें के प्रयासों से राजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

इस संवाद कार्यक्रम में राज्य मिशन निदेशक मंजू राजपाल ने भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए राजीविका से जुड़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहन दिया और कहा कि महिलाएं सुरक्षा सखी, सेवा सखी, संबल सखी और स्टार्टअप सखी बनकर आगे आवें। उन्होंने महिला समूहों को आयजनक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त करने और विविध क्षेत्रों में अपने कौशल को उजागर करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि समूह लिए गए ऋण का नियमित भुगतान करें जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

कार्यक्रम दौरान ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के शासन सचिव केके पाठक ने कहा कि जिले में 2.5 लाख महिलाएं राजीविका से जुड़कर आयजनक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। उन्होंने जिले में हो रही गतिविधियों को ब्रांड बनाकर आगे पहुंचाने का आह्वान भी किया। कलक्टर ताराचंद मीणा ने जिले में महिला समूहों को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे कार्यों और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। सेव द गर्ल चाईल्ड की ब्रांड एंबसेडर डॉ. दिव्यानी कटारा और पुलिस उपाधीक्षक चेतना भाटी ने मौजूद हजारों महिलाओं को स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दी। 

इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों ने महिला स्वयं सहायता समूहों के विविध उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समूह के उत्पादों को देख मीणा अभिभूत हुए और उन्होंने उदयपुर जिले में राजीविका की गतिविधियों को सराहनीय व अनुकरणीय बताया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं से उनके उत्पादों शहर, अचार, मशरूम, चप्पलें, अगरबत्ती और वनोपज की जानकारी भी ली और इनके माध्यम से उन्हें हो रही आय के बारे में जानकर उन्हें प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम दौरान अतिथियों ने राजीविका द्वारा प्रकाशित पुस्तिका कदम ः राजीविका से आजीविका की ओर का विमोचन भी किया। इस मौके पर स्थानीय जन प्रतिनिधि संबंधित अधिकारी मौजूद थे।