उदयपुर : एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी के संस्थापक सह-राष्ट्रीय अध्यक्ष राजलाल सिंह पटेल व संस्था के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत के निर्देशानुसार पर राजस्थान राज्य के उदयपुर जिला में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी की ओर से 1 मई 2022 को रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। संस्था के जिला अध्यक्ष धनपाल जैन, जिला युवा सेल अध्यक्ष मनोज भट्ट, जिला महिला सेल महासचिव रानी शर्मा, सदस्य निशा पानेरी रक्तदान शिविर को लेकर तैयारी में लगे हुए हैं।
रक्त देकर किसी मरीज की जान बचे, ऐसे कार्य में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी वाले भला किससे पीछे हैं। मानव सेवा के भाव वाले लोग 1 मई को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी के शिविर में रक्तदान कर सकते हैं। 2 मई को आपका एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी 11वें वर्ष में भी प्रवेश कर रहा है। रक्तदान शिविर पिपलेश्वर महादेव, 4 बटा, सेक्टर 14, शिशु निकेतन स्कूल के सामने वार्ड-18, उदयपुर में लगेगा। एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी की ओर से रक्तदाताओं को प्रशस्तिपत्र भी दिया जाएगा। आपको बता दें रक्तदान शिविर में शामिल होने वालों को भी सम्मान पत्र दिया जाएगा।
रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि के रूप में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत मौजूद रहेंगे। प्रमुख उपस्थिति: संस्था के जिला अध्यक्ष धनपाल जैन, जिला युवा सेल अध्यक्ष मनोज भट्ट, जिला महिला सेल महासचिव रानी शर्मा आयोजक कमेटी: संस्था के डूंगरपुर जिला अध्यक्ष ईश्वर कुमार भट्ट, राजसमन्द जिला महिला सेल अध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर, सदस्य निशा पानेरी, सदस्य शीला कलाल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी के रक्तदान शिविर में सहयोगी: महावीर जैन मुंबई, ईश्वर कुमार भट्ट डूंगरपुर, स्व.सुशीलाबाई जयंतीलाल जैन कल्याण महाराष्ट्र, भावेश जैन कल्याण महाराष्ट्र, लोकेश कुमार कलाल डूंगरपुर, हेमेंद्र पंड्या डूंगरपुर, राजीव रंजन झारखण्ड, नीलम गुप्ता महाराष्ट्र।
बनते हैं नए ब्लड सेल
एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत ने बताया कि रक्त देने के बाद शरीर में फ्लूड की पूर्ति 24 से 48 घंटे में हो जाती है। ब्लड सेल सात दिन में और आयरन की कमी तीन महीने में पूरी हो जाती है। रक्तदान करने से नए ब्लड सेल बनते हैं और आयरन के ओवर लोड से होने वाली बीमारियों का खतरा भी नहीं रहता है।
रक्तदान के लाभ
- स्वास्थ्य परीक्षण और रक्तचाप की जांच होती है।
- हीमोग्लोबिन और शरीर के ताप की जांच होती है।
- एचआईवी, हेपेटाइटिस बी-सी, सिफलिस, मलेरिया की जांच होती है।
- बोनमेरो बनने की दर बढ़ती है, खून के थक्के नहीं बनते हैं।
- नियमित रक्तदान से हृदयाघात का पांच फीसदी खतरा कम होता है।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- 18 से 60 साल की उम्र के लोग।
- 12.5 ग्राम डेसीलीटर से अधिक हीमोग्लोबिन वाले लोग
- 45 किलो से अधिक वजन वाले महिला-पुरुष।
रक्तदान शिविर के आयोजक कमेटी: एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमिटी उदयपुर
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