उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोध्योगिकी विश्वविद्यालय को राज्य के समस्त राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर रहने के लिए कुलाधिपति अवार्ड से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डा. नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने जयपुर स्थित राजभवन में राज्य के सभी राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के संवाद कार्यक्रम में राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं कुलपधिपति कलराज मिश्र के कर कमलों से यह सम्मान प्राप्त किया। वर्ष 2019 में 4 अप्रैल को हुई कुलपति समन्वय समिति की बैठक में माननीय राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने इसकी घोषणा की थी। राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों द्वारा भेजी गई सूचनाओं एवं दस्तावेजों के परीक्षण के आधार पर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को इस अवार्ड के चुना गया था।
इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए माननीय कुलपति ने इस अवार्ड के लिए कुलाधिपति एवं राज्य सरकार द्वारा समय समय पर दिये गये मार्गदर्शन तथा प्रेरणा के लिये उनका आभार व्यक्त किया और इस महत्वपूर्ण सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के कर्मठ वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को दिया। डा. राठौड़ ने बताया कि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय यह सम्मान प्राप्त करने वाला राज्य का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। यहॉं उल्लेखनीय है कि यह विश्वविद्यालय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की रैंकिंग में भी राज्य के कृषि तथा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में प्रथम तथा राष्ट्रीय स्तर पर कृषि विश्वविद्यालयों तथा कृषि संस्थानों में 15वां स्थान रखता है।
एक अन्य उपलब्धि के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी संघटक महाविद्यालयों को आईसीएआर से मान्यता प्राप्त करने में भी विश्वविद्यालय सफल रहा है। विगत एक वर्ष में 11 पेटेन्ट प्राप्त करना, विश्वविद्यालय में राज्य में प्रथम डिजिटल टेक्नोलॉजी सेल की स्थापना, राज्य में प्रथम सोलर ट्री, कृषि ड्रोन, रोबोटिक एवं सेंसर आधारित मृदा जॉंच तकनीक जैसे अनेक नवाचारों से इस विश्वविद्यालय ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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