डॉ. इशिता जोशी ने जीता ‘नारीफर्स्ट ज्वेल ऑफ इंडिया सीजन 3’ खिताब
इंदौर की डॉ. इशिता जोशी ने ‘नारीफर्स्ट ज्वेल ऑफ इंडिया सीजन 3’ में प्रिंसेस कैटेगरी का खिताब जीता। ऑपरेशन थिएटर से रैंप तक का सफर, मलाइका अरोरा ने पहनाया ताज।
Anil Bedag Verified Local Voice • 29 Mar, 2026Author
अप्रैल 24, 2026 • 1:32 PM 0 Last Edited By:Sangri Today
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डॉ. इशिता जोशी ने जीता ‘नारीफर्स्ट ज्वेल ऑफ इंडिया सीजन 3’ खिताब
मुंबई: ऑपरेशन थिएटर से रैंप तक का अनोखा सफर तय करते हुए इंदौर की प्रतिभाशाली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. इशिता जोशी ने ‘नारीफर्स्ट ज्वेल ऑफ इंडिया सीजन 3’ में ‘प्रिंसेस कैटेगरी’ का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके शहर इंदौर को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे चिकित्सा जगत को यह संदेश दिया है कि पेशेवर उत्कृष्टता और व्यक्तिगत सपनों को एक साथ पूरा किया जा सकता है।
शुक्रवार को मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोरा ने डॉ. इशिता जोशी को ताज पहनाया। मध्य प्रदेश के नीमच शहर से निकलकर राष्ट्रीय पटल तक पहुंचने वाली डॉ. जोशी की यह जीत मेहनत, आत्मविश्वास और संतुलित जीवनशैली की मिसाल बन गई है।
एमबीबीएस और एमएस समेत कई उन्नत सर्जिकल डिग्रियों से सुसज्जित डॉ. इशिता जोशी एक कुशल लैप्रोस्कोपिक सर्जन और कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजिस्ट के रूप में जानी जाती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, विशेष रूप से स्त्री रोग और कॉस्मेटिक सर्जरी के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और समर्पण उन्हें मरीजों के बीच लोकप्रिय बनाता है।
अपनी जीत पर डॉ. इशिता जोशी ने कहा, “यह मंच महिलाओं की शक्ति, बुद्धिमत्ता और बहुमुखी व्यक्तित्व का उत्सव है। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैंने इंदौर और मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए यह खिताब हासिल किया। यह उपलब्धि उन सभी महिलाओं के लिए है जो करियर और सपनों के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रही हैं।”
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डॉ. जोशी का सफर प्रेरणादायक है। नीमच से इंदौर तक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाया और अब ब्यूटी पेजेंट्स के माध्यम से अपनी छवि को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा पेशे की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने खुद को फिट रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मंच कौशल सीखने में समय लगाया। उनकी यह सफलता साबित करती है कि महिलाएं अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास को भी नजरअंदाज नहीं करतीं।
‘नारीफर्स्ट ज्वेल ऑफ इंडिया’ का यह तीसरा सीजन महिलाओं की बहुमुखी प्रतिभा को सम्मानित करने का मंच बना। प्रतियोगिता में पूरे देश से चुनी गई महिलाओं ने विभिन्न कैटेगरी में भाग लिया, जिसमें डॉ. जोशी की प्रिंसेस कैटेगरी में शानदार प्रस्तुति और आत्मविश्वास सबसे अलग रहा।
युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा
डॉ. इशिता जोशी की यह उपलब्धि युवा पीढ़ी, खासकर मेडिकल छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। यह दर्शाता है कि कोई भी क्षेत्र हो — चिकित्सा, कला या कोई अन्य — जुनून और निरंतर प्रयास से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
इंदौर के चिकित्सा वर्ग में डॉ. जोशी पहले से ही सम्मानित नाम हैं। उनकी यह राष्ट्रीय उपलब्धि शहर की छवि को भी नई दिशा देगी। स्थानीय चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों ने उनकी जीत पर बधाई देते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है।
मलाइका अरोरा ने ताज पहनाते हुए डॉ. जोशी की तारीफ की और कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। समारोह में अन्य प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया।
डॉ. इशिता जोशी अब आगे की योजनाओं पर काम कर रही हैं। वे चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का इरादा रखती हैं। उनकी यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि उन लाखों महिलाओं के लिए संदेश है जो अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत जुटा रही हैं।
यह उपलब्धि साबित करती है कि सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। डॉ. इशिता जोशी का सफर आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।