संसद में 'आज़ाद भारत' स्क्रीनिंग: नेताजी और INA के दिग्गजों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
संसद में 'आज़ाद भारत' डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के दिग्गजों को सम्मानित किया गया।
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
अप्रैल 4, 2026 • 11:06 PM 0
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11 days ago
संसद में 'आज़ाद भारत' स्क्रीनिंग: नेताजी और INA के दिग्गजों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
संसद में 'आज़ाद भारत' डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के दिग्गजों को सम्मानित किया गया।
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Key Highlights
संसद भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के बहादुर दिग्गजों को समर्पित डॉक्यूमेंट्री 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और INA के जीवित सदस्यों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
यह स्क्रीनिंग स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के बलिदान और विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
संसद में गूंजी 'आज़ाद भारत' की गाथा
देश की सर्वोच्च विधायी संस्था, संसद भवन में हाल ही में एक भावपूर्ण और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां 'आज़ाद भारत' नामक एक विशेष डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की गई, जिसका उद्देश्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के उन अदम्य साहस वाले दिग्गजों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह आयोजन वर्तमान पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल थी।
इस विशेष स्क्रीनिंग में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सबसे महत्वपूर्ण, भारतीय राष्ट्रीय सेना के कुछ जीवित सदस्यों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभागार में उपस्थित सभी लोगों की आंखों में उन वीरों के प्रति सम्मान और गर्व साफ झलक रहा था।
नेताजी और INA के अमर बलिदान को सलाम
डॉक्यूमेंट्री 'आज़ाद भारत' ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस अदम्य संकल्प और उनके दूरदर्शी नेतृत्व को जीवंत कर दिया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी एक सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका। इसमें INA के उन सैनिकों की गाथाओं को दर्शाया गया, जिन्होंने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' के आह्वान पर अपनी जान की परवाह किए बिना देश के लिए युद्ध लड़ा।
फिल्म ने उन महत्वपूर्ण पलों को उजागर किया जब INA ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। यह केवल एक सैन्य संगठन नहीं था, बल्कि भारतीय एकता और बलिदान का एक प्रतीक था। इन दिग्गजों का त्याग और राष्ट्रप्रेम आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।
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डॉक्यूमेंट्री में उन वीर योद्धाओं की अनकही कहानियों, उनके संघर्षों और उनकी उम्मीदों को बारीकी से दिखाया गया। दर्शकों को INA के सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण से रूबरू होने का मौका मिला। यह फिल्म केवल इतिहास के पन्ने पलटने जैसा नहीं था, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम की धड़कनों को महसूस करने जैसा था।
विशेष रूप से, युवा पीढ़ी के लिए यह एक महत्वपूर्ण अनुभव था, जिसने उन्हें यह समझने में मदद की कि किस प्रकार हमारे पूर्वजों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मातृभूमि के लिए संघर्ष किया। इस तरह के कार्यक्रम अतीत की उन अनमोल सीखों को वर्तमान से जोड़ते हैं, जो भविष्य के लिए रास्ता बनाते हैं।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और उनका संदेश
कार्यक्रम में बोलते हुए, कई गणमान्य व्यक्तियों ने नेताजी और INA के योगदान को राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नायकों को याद रखना और उनकी कहानियों को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा नैतिक दायित्व है। इस दौरान, INA के जीवित सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने देश के लिए अपनी युवावस्था समर्पित कर दी थी। उनका सम्मान करना वास्तव में पूरे राष्ट्र का सम्मान करना था।
इन दिग्गजों के चेहरे पर गर्व और संतुष्टि का भाव स्पष्ट था, यह देखकर कि राष्ट्र आज भी उनके बलिदान को याद करता है। ऐसी घटनाएं हमें अपने जड़ों से जोड़े रखती हैं और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करती हैं।
विरासत को जीवित रखने का प्रयास
'आज़ाद भारत' जैसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग यह सुनिश्चित करती है कि नेताजी और INA का इतिहास केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि यह जन-जन तक पहुंचे। यह सिर्फ इतिहास को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि राष्ट्र अपने नायकों को कभी नहीं भूलता। ठीक इसी तरह, देश के विभिन्न हिस्सों में समुदाय अपने विशिष्ट आयोजनों के माध्यम से अपनी पहचान और इतिहास को सहेजते हैं, जैसे हाल ही में संपन्न हुआ खरवार परिवार का वार्षिक मिलन समारोह भी ऐसे ही सामुदायिक जुड़ाव का एक उदाहरण है।
यह कार्यक्रम भविष्य में ऐसे और आयोजनों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद दिलाते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करते रहेंगे। ऐसी पहल राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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