आईफोन 15 और पुराने मॉडल्स अब ₹5,000 तक महंगे, एप्पल ने रिटेलर्स को मिलने वाला इंसेंटिव रोका
एप्पल ने आईफोन 15 समेत पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को दिए जाने वाले प्रोत्साहन बंद किए, जिससे ग्राहकों को ₹5,000 तक अधिक चुकाने होंगे।
Sangri Today Verified Media or Organization • 28 Mar, 2026Editor
मार्च 28, 2026 • 11:25 PM 0 Last Edited By:Junja Ram
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18 days ago
आईफोन 15 और पुराने मॉडल्स अब ₹5,000 तक महंगे, एप्पल ने रिटेलर्स को मिलने वाला इंसेंटिव रोका
एप्पल ने आईफोन 15 समेत पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को दिए जाने वाले प्रोत्साहन बंद किए, जिससे ग्राहकों को ₹5,000 तक अधिक चुकाने होंगे।
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आईफोन 15 और पुराने मॉडल्स अब ₹5,000 तक महंगे, एप्पल ने रिटेलर्स को मिलने वाला इंसेंटिव रोका
Key Highlights
एप्पल ने आईफोन 15 और अन्य पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को दिए जाने वाले प्रोत्साहन बंद कर दिए हैं।
इस फैसले के बाद ग्राहकों को इन आईफोन मॉडल्स के लिए अब ₹5,000 तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
रिटेलर्स यह बढ़ी हुई कीमत सीधे ग्राहकों से वसूलेंगे, जिससे बाजार में पुराने आईफोन की खरीदारी महंगी होगी।
आईफोन की खरीद हुई महंगी: एप्पल का इंसेंटिव रोकने का फैसला
तकनीकी बाजार से आ रही एक महत्वपूर्ण खबर के अनुसार, एप्पल ने आईफोन 15 सीरीज और अपने कुछ पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को मिलने वाले विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) को बंद कर दिया है। इस बदलाव का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब इन मॉडल्स की खरीद पर ₹5,000 तक अधिक चुकाने पड़ सकते हैं। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल का यह कदम उसकी बिक्री रणनीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। यह अक्सर नए मॉडल्स की लॉन्चिंग से पहले या बाद में पुराने स्टॉक को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। रिटेलर्स को मिलने वाले इंसेंटिव्स के कारण वे ग्राहकों को आकर्षक डील्स और छूट प्रदान कर पाते थे, जिससे बिक्री में वृद्धि होती थी।
रिटेलर्स पर दबाव और ग्राहकों की जेब पर बोझ
एप्पल द्वारा इंसेंटिव बंद करने से रिटेलर्स पर सीधा वित्तीय दबाव पड़ा है। इन प्रोत्साहनों के अभाव में, उनके लाभ मार्जिन में कमी आना स्वाभाविक है। अपने व्यवसाय को बनाए रखने और मुनाफे को स्थिर रखने के लिए, रिटेलर्स ने अब यह लागत सीधे ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि ग्राहक अब उन छूटों और आकर्षक ऑफर्स से वंचित रहेंगे, जो पहले उपलब्ध होते थे।
यह स्थिति उन ग्राहकों के लिए निराशाजनक हो सकती है जो नए आईफोन 15 या उससे थोड़ा कम कीमत वाले, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले पुराने आईफोन मॉडल्स की तलाश में थे। उन्हें अब पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने होंगे, जिससे उनकी खरीदारी की योजना प्रभावित हो सकती है।
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एप्पल के इस कदम से भारत के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज़ हो सकती है। जहां एक ओर देश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गति बढ़ रही है, वहीं स्मार्टफोन जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार भी लगातार बदल रहा है। अन्य स्मार्टफोन ब्रांड्स, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में, इस स्थिति का लाभ उठा सकते हैं और अपने प्रोडक्ट्स को अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर पेश कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय ग्राहक इस मूल्य वृद्धि पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।
एप्पल की रणनीति अक्सर उसके नए प्रोडक्ट लॉन्च साइकिल से जुड़ी होती है। जब कोई नया आईफोन मॉडल (जैसे कि भविष्य का आईफोन 16) बाजार में आने वाला होता है, तो कंपनी अक्सर पुराने मॉडल्स की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए ऐसे कदम उठाती है। यह सुनिश्चित करता है कि नए फ्लैगशिप मॉडल को पर्याप्त ध्यान और बिक्री मिले। इस बीच, 'भारत का खेल, भारत का सोलर' जैसी पहलें देश में एक अलग ही ऊर्जा और विकास की कहानी लिख रही हैं, जो दर्शाती है कि बाजार में लगातार नवाचार और बदलाव की गुंजाइश है।
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