Digital ArchiveThis story is part of our historical records. While preserved for reference, some details and facts may have evolved since its original publication 6 months ago.
उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट का हुआ मथुरादास माथुर अस्पताल में भव्य लोकार्पण
अपना घर संस्थान (भरतपुर) के संस्थापक डॉ. बृज मोहन भारद्वाज ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि “यह कार्डियोथोरेसिक यूनिट अभी सिर्फ एक भवन है जिसे जीवंत करने का दारोमदार यहाँ के चिकित्सकों पर हैं।
Pooja Padiyar Editor
सितंबर 14, 2022 • 3:37 PM 0
S
Sangri Today Hindi
BREAKING
Pooja Padiyar
4 years ago
उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट का हुआ मथुरादास माथुर अस्पताल में भव्य लोकार्पण
अपना घर संस्थान (भरतपुर) के संस्थापक डॉ. बृज मोहन भारद्वाज ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि “यह कार्डियोथोरेसिक यूनिट अभी सिर्फ एक भवन है जिसे जीवंत करने का दारोमदार यहाँ के चिकित्सकों पर हैं।
Full Story: https://hindi.sangritoday.com/grand-inauguration-of-utkarsh-cardiothoracic-unit-at-mathuradas-mathur-hospital
उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट का हुआ मथुरादास माथुर अस्पताल में भव्य लोकार्पण
जोधपुर: उत्कर्ष क्लासेस के दो दशकीय सफर के मुकाम को यादगार एवं स्वर्णिम अवसर बनाते हुए मंगलवार, 13 सितंबर को सायं 4:15 बजे संस्था द्वारा पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध सरकारी चिकित्सालय जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से परिपूर्ण उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट का भव्य लोकार्पण किया गया। सेंटर का लोकार्पण पूज्य स्वामी परमहंस श्री रामप्रसाद महाराज, महर्षि भृगु पीठाधीश्वर गोस्वामी सुशील महाराज, अपना घर संस्थान (भरतपुर) के संस्थापक डॉ. बृज मोहन भारद्वाज के विशेष आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश गहलोत, संस्था प्रमुख डॉ. निर्मल गहलोत एवं सह-संस्थापक तरुण गहलोत सहित समस्त गहलोत परिवार की मेजबानी में अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित, कमला नेहरू नगर हॉस्पिटल के चीफ डॉ. राम गोयल सहित कई आमजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पारंपरिक तरीके से किया गया सेवाभावियों व कार्यकर्ताओं का सम्मान।
इसी कड़ी में अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित, यूनिट संचालक डॉ. सुभाष वालरा, यूनिट रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं नर्सिंग टीम सहित इस कार्य को श्रेष्ठता से सम्पन्न करने वाली उत्कर्ष टीम का आभार व्यक्त करते हुए गणमान्य नागरिकों ने परंपरागत तरीके से साफा पहना कर एवं मोमेंटों देकर उनका सम्मान किया। “कर्म से ज्यादा भाव प्रभावकारी होता है जो उसका परिणाम तय कर देता है” - डॉ. भारद्वाज। अपना घर संस्थान (भरतपुर) के संस्थापक डॉ. बृज मोहन भारद्वाज ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि “यह कार्डियोथोरेसिक यूनिट अभी सिर्फ एक भवन है जिसे जीवंत करने का दारोमदार यहाँ के चिकित्सकों पर हैं। वे जितने पुण्य भाव से मरीजों का इलाज करेंगे यह भवन उतना ही अधिक मरीजों के लिए वरदान साबित होता रहेगा।“
उत्कर्ष क्लासेस के संस्थापक व निदेशक डॉ. निर्मल गहलोत ने बताया कि उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट का किसी बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल के इंफ़्रास्ट्रक्चर व उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की तर्ज पर बेहद सुव्यस्थित एवं अत्याधुनिक उपकरणों व आवश्यक मशीनों से युक्त नवीनीकरण किया गया है। इसके तहत सेंटर में अत्याधुनिक दो ऑपरेशन थियेटर, एक आई.सी.यू. वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, सी.टी.वार्ड व मरीजों के परिजनों हेतु वातानुकूलित प्रतीक्षालय सहित डॉक्टर व नर्सेज के वातानुकूलित ऑफिस, सुपरविजन ऑफिस, स्टोर व पेंट्री रूम, शौचालय इत्यादि तैयार करवाए गए हैं। सम्पूर्ण परिसर में दो महीने की रिकॉर्डिंग बैकअप के साथ सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की गई है।
”गरीब व जरुरतमन्द मरीज भी अब करा पाएँगे हार्ट व लीवर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन”- एमडीएम अधीक्षक मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने उत्कर्ष की लोक सेवा में की गई इस समर्पित पहल का स्वागत करते हुए कहा कि “इस अत्याधुनिक कार्डियोथोरेसिक यूनिट का विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के गरीब व जरुरतमन्द मरीज सीधा-सीधा लाभ उठा सकेंगे। चूँकि, मथुरादास माथुर अस्पताल में आरजीएचएस व चिरंजीवी योजना के अंतर्गत इलाज की सुविधा उपलब्ध है जिसके चलते आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बायपास सर्जरी के साथ ही हार्ट व लीवर ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन करवाने के लिए अब दर-दर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।“
रखरखाव व परिजनों के लिए आहार का जिम्मा भी उत्कर्ष ने उठाया।
डॉ. गहलोत ने यह स्पष्ट किया कि संस्था ने उत्कर्ष कार्डियोथोरेसिक यूनिट की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है जिसके तहत लोकार्पण के पश्चात भी इसका रखरखाव संस्था द्वारा ही किया जाएगा। यहाँ चद्दरों की धुलाई व अन्य प्रकार की सफ़ाई व्यवस्था के अलावा सुपरवाईजर, स्वच्छताकर्मी व सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करने से लेकर उन्हें वेतन देने का बीड़ा भी संस्था द्वारा ही उठाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस सेंटर में आने वाले गरीब मरीजों व उनके परिजनों हेतु दो समय भोजन के टिफिन की व्यवस्था भी की जाएगी।
historyThis is an archived post. The information provided may be outdated.