राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026: भजनलाल सरकार की ऐतिहासिक पहल, प्रदेश बनेगा वैश्विक सेमीकंडक्टर हब
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जारी की राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026। निवेश, रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को नई ऊंचाई देने वाली इस नीति से राजस्थान वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनेगा। OSAT, ATP और सेंसर्स में बड़ा निवेश आकर्षित होगा।
जयपुर, 25 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास को नई गति देने के लिए ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ जारी कर एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह नीति न केवल प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगी, बल्कि युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित करेगी तथा कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
वैश्विक सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में उभरेगा राजस्थान
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर उद्योग की भूमिका निर्णायक हो चुकी है। नई नीति राजस्थान को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनाने का लक्ष्य रखती है। इसमें आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एंड टेस्ट (OSAT), असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग (ATP) तथा सेंसर्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। इससे स्वदेशी उत्पादन बढ़ेगा और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
पूरी वैल्यू चेन को कवर करेगी नीति
राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। अनुसंधान, डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण और पैकेजिंग सभी चरणों को नीति के दायरे में शामिल किया गया है। जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र और कांकणी औद्योगिक क्षेत्र को प्राथमिक सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में भूमि आवंटन, सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्क और फैबलेस डिजाइन इकोसिस्टम को भी सशक्त बनाया जाएगा।
निवेशकों के लिए आकर्षक इंसेंटिव पैकेज
निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क छूट, स्टांप शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट तथा 25 प्रतिशत पुनर्भरण का लाभ मिलेगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पूंजी सब्सिडी का 60 प्रतिशत अनुदान और टर्म लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। ये प्रोत्साहन राजस्थान को निवेशकों की पहली पसंद बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास
औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। पात्र उद्योगों को पर्यावरणीय प्रोजेक्ट्स की लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण, कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर 7 वर्षों तक 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क छूट और राजस्थान ग्रीन रेटिंग सिस्टम के तहत सहमति शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इससे हरित प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन मिलेगा और सतत विकास के लक्ष्य पूरे होंगे।
राष्ट्रीय प्रयासों से जुड़कर मजबूत बनेगा इकोसिस्टम
केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहलों ने देश में मजबूत आधार तैयार किया है। हाल ही में केंद्र के बजट में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत भी लाभ दिए जा रहे हैं। राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 इन राष्ट्रीय प्रयासों के साथ तालमेल बिठाते हुए प्रदेश को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी बनाने जा रही है।