बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल कला-साहित्य और किसानो को दे रहा मंच, 14 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय फेस्ट 

जैसा कि अवधार्य है समय-समय पर इस भूमि की साहित्यिक , ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं कलात्मक विरासतों को सहेजे रखने के लिये अनेकों प्रयास किये गये, उन्हीं प्रयासों में आज एक नाम और जुड़ गया है, बुन्देलखण्ड साहित्य महोत्सव।

Junja Ram
Junja Ram Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
अगस्त 8, 2022 • 6:45 PM  0
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Junja Ram
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4 years ago
बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल कला-साहित्य और किसानो को दे रहा मंच, 14 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय फेस्ट 
 और किसानो को दे रहा मंच, 14 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय फेस्ट 
जैसा कि अवधार्य है समय-समय पर इस भूमि की साहित्यिक , ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं कलात्मक विरासतों को सहेजे रखने के लिये अनेकों प्रयास किये गये, उन्हीं प्रयासों में आज एक नाम और जुड़ गया है, बुन्देलखण्ड साहित्य महोत्सव।
Full Story: https://hindi.sangritoday.com/bundelkhand-literature-festival-giving-platform-to-art-literature-and-farmers-three-day-fest-will-start-from-october-14
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बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल कला-साहित्य और किसानो को दे रहा मंच, 14 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय फेस्ट 
बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल कला-साहित्य और किसानो को दे रहा मंच, 14 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय फेस्ट 

झांसी: जैसा कि बुन्देलखण्ड के बारे में प्रचलित है कि यहां हमेशा ही प्रभावशाली व्यक्तित्वों ने जन्म लिया है और इस माटी की आत्मा को सहेजे रखने का प्रयास किया है। यूं ही नहीं आज बुन्देलखण्ड अपने आप में एक अनूठी एवं दिव्य विरासत है, इसे सहेजा गया है। प्राचीन समय से ही आविर्भाव से आधुनिकता की ओर बढ़ते मानवीय विकासों के अनेकों दौर आये, हर दौर में कुछ आधुनिकताओं को अपनाया गया और कुछ लुप्त होती विरासतों को बचाया गया। सभ्यताएँ विकसित होती गयीं मगर इस बुन्देली भूमि पर जन्मी अनेकों विभूतियों ने इस अंचल की आत्मा को न मरने दिया। आज भी भौतिकवाद की ओर बढ़ती मानव सभ्यताओं के बीच बुन्देलखण्ड अपनी एतिहासिक विरासतों और संस्कृतियों की पूंजी लिये विकास के समांतर खड़ा है। 

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Junja Ram Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

मेरा नाम जुंजा राम है। पत्रकारिता के क्षेत्र में 07 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। अब मैं सांगरी टुडे हिंदी के साथ एडिटर इन चीफ के तौर पर काम कर रहा हूँ। ईमेल: junjaram@hindi.sangritoday.com

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