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सज्जनगढ़ किले से उदयपुर का नैसर्गिंक सौंदर्य देख अभिभूत हुए - शिक्षा मंत्री
Pooja Padiyar Editor
मई 29, 2022 • 6:07 PM 0
र
राजस्थान
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“सज्जनगढ़ किले से उदयपुर का नैसर्गिंक सौंदर्य देख अभिभूत हुए - शिक्षा मंत्री”
सज्जनगढ़ किले से उदयपुर का नैसर्गिंक सौंदर्य देख अभिभूत हुए - शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने उदयपुर में पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारक एवं वन क्षेत्र में स्थित सज्जनगढ़ किले का निरीक्षण किया। सज्जनगढ़ से उदयपुर के नैसर्गिंक सौंदर्य को देखकर वे अभिभूत हुए और उन्होंने यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नवाचार करने के निर्देश दिए। डॉ.कल्ला ने इस किले परिसर में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु लघु संग्रहालय खोले जाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा करवाये गए संरक्षण एवं जीर्णाेद्धार कार्यों का अवलोकन किया और कार्याे पर संतोष जताते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इस अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उदयपुर वृत अधीक्षक नीरज त्रिपाठी द्वारा बुके देकर स्वागत किया।
विभाग के अधिशाषी अभियंता मुकेश शर्मा ने संरक्षण कार्यों की जानकारी दी गई। उप वन संरक्षक अजीत उचोई ने वन विभाग द्वारा स्मारक में की जा रही गतिविधियों के बारे में बताया।
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इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के 14वें दीक्षांत समारोह में की शिरकतः
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने शनिवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के प्रतापनगर स्थित खेल मैदान पर आयोजित 14वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कल्ला ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सभी को सच्चे धर्म का अर्थ जानना बेहद आवश्यक है और सत्य ही सच्चा धर्म है, जो विभिन्नताओं से भरे हमारे इस देश को अनेकता में एकता के सूत्र में बांधता है और उसकी अभिव्यक्ति की आजादी को पोषित करता है।
कल्ला ने युवा पीढी से आह्वान किया कि शिक्षा के माध्यम से देश की एकता को बनाए रखने, वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करने, अच्छे नागरिक बनने और बनाने के प्रयास करने होंगे ताकि हमारा देश अपनी गरिमा और आस्थाओं के आदर को बनाए रख सके। उन्होंने नव दीक्षितों से कहा कि ज्ञान जल से भी पतला है जिसे सुभाषित वाक्यों के माध्यम से समाज को पहुंचाने का कार्य करना ही अपनी शिक्षा पूर्ण करने के वास्तविक उद्देश्यों की पूर्ति होगी।
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