पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने विकसित भारत  2047 के लिए ‘कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक नवाचार’ पर दिया जोर

IIHMR यूनिवर्सिटी में वार्षिक सम्मेलन ‘एकत्व 2025’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. आर. ए. माशेलकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

Mamta Choudhary
Mamta Choudhary Verified Public Figure • 27 Mar, 2026 Editor
फरवरी 6, 2025 • 9:34 PM  0
देश
NEWS CARD
Logo
पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने विकसित भारत  2047 के लिए ‘कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक नवाचार’ पर दिया जोर
“पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने विकसित भारत  2047 के लिए ‘कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक नवाचार’ पर दिया जोर”
Favicon
Read more on hindi.sangritoday.com
6 Feb 2025
https://hindi.sangritoday.com/padma-vibhushan-dr-ra-mashelkar-emphasizes-on-more-innovation-for-more-people-with-less-resources-for-developed-india-2047
Copied
पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने विकसित भारत  2047 के लिए ‘कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक नवाचार’ पर दिया जोर
पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने विकसित भारत  2047 के लिए ‘कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक नवाचार’ पर दिया जोर



राष्ट्रीय, 06 फरवरी 2025: IIHMR यूनिवर्सिटी में वार्षिक सम्मेलन ‘एकत्व 2025’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. आर. ए. माशेलकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

इस अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक नवाचारों की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की गई।कार्यक्रम के दौरान एआई आधारित डायग्नोस्टिक उपकरण, मरीजों की निगरानी प्रणाली, मेटाबॉलिक स्क्रीनिंग और मातृ स्वास्थ्य संबंधी नवीन तकनीकों पर गहन चर्चा हुई। इन क्रांतिकारी नवाचारों ने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी बदलावों को अपनाने और नए आयाम स्थापित करने की दिशा में प्रतिभागियों को प्रेरित किया। चर्चा का मुख्य विषय यह रहा कि तकनीकी नवाचारों का उपयोग कर स्वास्थ्य क्षेत्र को अधिक प्रभावी, किफायती और सुलभ कैसे बनाया जाए। साथ ही, युवा उद्यमियों को ऐसे स्वास्थ्य समाधानों के विकास के लिए प्रेरित किया गया, जिन्हें बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।

डॉ. आर. ए. माशेलकर ने ‘अगली पीढ़ी के डायग्नोस्टिक्स के लिए क्रांतिकारी नवाचार’ विषय पर प्रेरणादायक मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने कहा, ‘हम 21वीं सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं और ‘विकसित भारत 2047’ की बात कर रहे हैं। इसे साकार करने की जिम्मेदारी आप सभी युवाओं पर है। असली बदलाव तब आएगा जब हम सीमित संसाधनों में अधिक लोगों के लिए नवाचार करें। हमें गरीबों के लिए उच्च तकनीक विकसित करनी होगी। भारत को ‘जुगाड़’ से आगे बढ़कर गेम-चेंजिंग नवाचारों की ओर बढ़ना होगा। हमें ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ से आगे बढ़कर ‘नेक्स्ट प्रैक्टिस’ की ओर बढ़ने की जरूरत है।’

इस अवसर पर IIHMR यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी ने सभी अतिथियों और पूर्व विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘आज का दिन IIHMR यूनिवर्सिटी के लिए बेहद खास है, क्योंकि हम अपने 40 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा का जश्न मना रहे हैं। हमारे पूर्व विद्यार्थी स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जिस पर हमें गर्व है। साथ ही, वे हमें यह मार्गदर्शन भी देते हैं कि उद्योग और राष्ट्र निर्माण के लिए किस प्रकार के शोध की आवश्यकता है। हमारा संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में और भी ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है।’

इस आयोजन में 150 से अधिक पूर्व छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने अपने सहपाठियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और यूनिवर्सिटी की उत्कृष्ट शैक्षणिक विरासत का उत्सव मनाया। यह आयोजन पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक बना। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को पेश करा गया  
IIHMR यूनिवर्सिटी का ‘एकत्व 2025  न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने का मंच बना, बल्कि पूर्व छात्रों के आपसी संवाद और पेशेवर संबंधों को भी सुदृढ़ करने का सुअवसर प्रदान किया।

history This is an archived post. The information provided may be outdated.

Mamta Choudhary Verified Public Figure • 27 Mar, 2026 Editor

Admin - News Desk

हमारा अनुसरण करें

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications