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भारतीय लोककथाओं को सिल्वर स्क्रीन पर लेकर आएंगी आरुषि निशंक
आरुषि निशंक ने हिमश्री फिल्म्स की शुरुआत अपने दम पर की और बहुत कम समय में इसे एक सम्मानजनक पहचान दिलाई।
Mahesh Kumawat Author
February 24, 2025 • 2:45 PM 0
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Sangri Today Hindi
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Mahesh Kumawat
1 year ago
भारतीय लोककथाओं को सिल्वर स्क्रीन पर लेकर आएंगी आरुषि निशंक
आरुषि निशंक ने हिमश्री फिल्म्स की शुरुआत अपने दम पर की और बहुत कम समय में इसे एक सम्मानजनक पहचान दिलाई।
Full Story: https://hindi.sangritoday.com/aarushi-nishank-to-bring-indian-folklore-to-the-silver-screen
भारतीय लोककथाओं को सिल्वर स्क्रीन पर लेकर आएंगी आरुषि निशंक
मुंबई : आज के समय में जब पुष्पा 2, तुम्बाड़ और कई क्षेत्रीय फिल्में अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी कहानियों के जरिए दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं, ऐसे में आरुषि निशंक एक दूरदर्शी फिल्म निर्माता के रूप में सामने आ रही हैं। उनकी प्रोडक्शन कंपनी हिमश्री फिल्म्स भारतीय लोककथाओं और पारंपरिक कहानियों को फिर से जीवंत करने के मिशन पर काम कर रही है।
आरुषि निशंक ने हिमश्री फिल्म्स की शुरुआत अपने दम पर की और बहुत कम समय में इसे एक सम्मानजनक पहचान दिलाई। उन्होंने हॉटस्टार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म के लिए "लाइफ हिल गई" नामक शो का निर्माण किया है। इसके साथ ही, वह कई प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं जो आज के समय से जुड़ी हुई हैं। उनके मुताबिक, चाहे लेखन हो या फिल्म निर्माण, कहानी का मौजूदा समय से जुड़ाव ही सबसे अहम है।
आरुषि कहती हैं, "हम सभी ने बचपन में अपनी दादी-नानी से कहानियां सुनी हैं—ऐसी कहानियां जो हमें एक जादुई दुनिया में ले जाती थीं और जीवन के कीमती सबक सिखाती थीं। लेकिन जैसे-जैसे समय बदला और परिवार छोटे होते गए, ये कहानियां हमसे दूर होती चली गईं। आज सिनेमा वह जरिया बन गया है जो दादी-नानी की कहानियों की कमी को पूरा कर सकता है। हिमश्री फिल्म्स का मकसद इन्हीं भूली हुई लोककथाओं, पौराणिक गाथाओं और सांस्कृतिक कहानियों को भारतीय सिनेमा में दोबारा जिंदगी देना है।"
फिलहाल, आरुषि निशंक दो से तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं और इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माताओं के साथ सहयोग कर रही हैं। हालांकि, इन फिल्मों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सही समय पर इनकी घोषणा की जाएगी। हिमश्री फिल्म्स के बैनर तले बन रही सबसे खास फिल्मों में से एक है "तारिणी"। यह फिल्म भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों की प्रेरक कहानी पर आधारित है, जिन्होंने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। इस फिल्म को मशहूर गीतकार प्रसून जोशी और कवि कुमार विश्वास ने लिखा है और इसे एक बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ मिलकर बनाया जा रहा है। "तारिणी" उस ऐतिहासिक क्षण को दिखाती है, जब पहली बार महिला नौसेना अधिकारियों को अकेले समुद्री अभियान पर जाने की इजाजत मिली—एक ऐसा कारनामा जो पहले कभी नहीं देखा गया था।
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इसके अलावा, आरुषि निशंक उत्तराखंड में एक और बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी कर रही हैं, जो भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को सामने लाएगा। हिमश्री फिल्म्स उन लेखकों और निर्देशकों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है जो लोककथाओं और पारंपरिक कहानियों से गहरे तौर पर जुड़े हों। कंपनी ऐसे कहानीकारों की तलाश में है जो दादी-नानी की कहानियों की तरह सच्ची, जीवंत और अर्थपूर्ण कहानियां बुन सकें।
आरुषि निशंक का परिवार साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा से गहराई से जुड़ा है। उनके पिता डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ न सिर्फ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री रहे हैं, बल्कि एक मशहूर लेखक भी हैं। उनकी मां, जो एक पूर्व प्रिंसिपल रह चुकी हैं, खुद भी लेखिका हैं और उनकी दो कविता संग्रह "धरती स्वर्ग बनाऊंगी" और "कलम मशाल बन जाए" प्रकाशित हो चुके हैं।
आरुषि एक मशहूर कथक नृत्यांगना भी हैं। उन्होंने टी-सीरीज के लिए जुबिन नौटियाल और हिमांश कोहली के साथ "वफ़ा ना रास आई" जैसे हिट म्यूजिक वीडियो में काम किया है, जिसे यूट्यूब पर 314 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इसके अलावा, उन्होंने गुरमीत चौधरी के साथ "तेरी गलियों से" में भी अभिनय किया और ज़ी म्यूजिक के साथ कई प्रोजेक्ट्स में सहयोग किया है। उन्हें कई मंचों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए देखा गया है।
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महेश कुमावत मीडिया जगत में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। वे सांगरी टुडे हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं और अपनी विश्लेषणात्मक सोच और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी सामाजिक और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ रखती है, जिससे वे पाठकों को निष्पक्ष और सटीक जानकारी प्रदान करते हैं।
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