उदयपुर : महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के स्मार्ट विलेज - मदार में पोषण सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत कृषक महिलाओं की संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. आर.ए. कौशिक ने बताया कि कुपोषण इस क्षेत्र की प्रमुख समस्या है, इसके निवारण हेतु अपने प्रतिदिन के आहार में फल एवं सब्जियों का समावेश कर इससे निजात पाया जा सकता है। इसके साथ ही गृह वाटिका में सब्जियां जैसे - गोभी, ब्रोकली, टमाटर, बैंगन एवं र्मिच की खेती कर अपने घर-परिवार की पोषण सुरक्षा की जा सकती है।
गोष्ठी में प्राचार्य, गृह विज्ञान, डॉ. लतिका व्यास ने बताया कि इस माह में पोषण सप्ताह के अन्तर्गत जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों एवं माताओं के पोषण की जानकारी दी गई। देश को कुपोषण मुक्त करना है तो इसके लिए मां के दूध का महत्व, पुरक आहार का महत्व, गर्भवती एवं धात्री माता का आहार, टीकाकरण आदि पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही पूर्व में नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत परियोजना के अन्तर्गत जो सोलर कुकर वितरीत किये गये थे उनका उपयोग व्यंजनों को बनाने में किस प्रकार कर सकते है उसका संजीव प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर घर-घर औषधि योजना, राजस्थान सरकार, वन विभाग से श्रीमती ज्योति वशिष्ठ द्वारा कुल 95 परिवारों में अश्वगंधा, कालमेघ, गिलोय एवं तुलसी के पौधे निःशुल्क वितरीत किये गये और साथ ही इनकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
कार्यक्रम के अन्त में समन्वयक-स्मार्ट विलेज, मदार, डॉ. आर.एस. राठौड़ ने बताया कि पूर्व में भी महिला सशक्तीकरण, पोषण एवं सन्तुलित आहार हेतु कई कार्यक्रम महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सामुदायिक एवं व्यवहारिक विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा आयोजित किये गये है। जिसके द्वारा महिलाओं में आत्मनिर्भरता एवं जागरूकता पैदा करने हेतु प्रेरित किया और गृह वाटिका द्वारा पोषण को सुदृढ़ करने हेतु टमाटर, बैंगन एवं मिर्च आदि के पोली-ट्रे में तैयार पौध भी वितरीत की गई। इसके अतिरिक्त कृषकों के खेतों पर लगे कुछ प्रदर्शनों का अवलोकन भी किया गया और बताया कि उक्त गोष्ठी में कुल 122 कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भाग लिया।
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