सनातनी धर्म को आगे बढ़ाएंगे डॉ. विजय बजाज, स्वदेशी सनातन संघ में नियुक्त हुए ‘प्रदेश संयोजक मध्य प्रदेश’ के रूप में
सोशल मीडिया के बढ़ते कदम के जरिए पश्चिमी संस्कृति एक बार फिर से भारतीय संस्कृति में अपना मार्ग बना रही है। इस पश्चिम संस्कृति में दिलचस्पी रखने वाले उसके फॉलोअर्स समाज के कुछ प्रभावशाली व्यक्ति है। इन्ही प्रभावशाली लोगों को देख भारत की युवा पीढ़ी इन जैसा बन ने का प्रयास करती है, और पश्चिम […]
सोशल मीडिया के बढ़ते कदम के जरिए पश्चिमी संस्कृति एक बार फिर से भारतीय संस्कृति में अपना मार्ग बना रही है। इस पश्चिम संस्कृति में दिलचस्पी रखने वाले उसके फॉलोअर्स समाज के कुछ प्रभावशाली व्यक्ति है। इन्ही प्रभावशाली लोगों को देख भारत की युवा पीढ़ी इन जैसा बन ने का प्रयास करती है, और पश्चिम संस्कृति को अपनाने का भी। इसी के चलते आज की युवा पीढ़ी अपनी भारतीय संस्कृति भूलती जा रही है। सदियों पुराना धर्म, सनातनी धर्म अब लोग उस तरह से नहीं निभाते जैसे सदियों पहले निभाया जाता था। यहां तक की आज के युवा को तो अपने देश के इतिहास के बारे में तक जानकारी नहीं। न ही इतिहास की पुस्तकों में कहीं भारत के वीर सैनानियों का उल्लेख है। इतिहास की पुस्तकों में महान भारत और महान भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, के अनुभवों के निशान अब नही मिलते। तो युवा भारतीय सनातनी के रूप में अपनी पहचान के बारे में कैसे जान पाएंगा?