आवासन मण्डल की नई योजनाओं का शुभारम्भ और लोकार्पण
आवासन मण्डल की नई योजनाओं का शुभारम्भ और लोकार्पण
आवासन मण्डल की नई योजनाओं का शुभारम्भ और लोकार्पण
उपलब्धियों की मिसाल बना राजस्थान आवासन मण्डल - नगरीय विकास मंत्री
प्रोफेशनल एप्रोच से पार किया 6 हजार करोड़ का टर्न ओवर
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Chat on WhatsAppनगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान आवासन मण्डल लीक से हटकर नई योजनाओं पर काम कर रहा है और अपनी इन योजनाओं से मण्डल ने आम आदमी का भरोसा जीतने में फिर से कामयाबी हासिल की है।
धारीवाल शुक्रवार को हॉस्पिटल रोड स्थित राजकीय निवास पर आवासन मण्डल की जयपुर में विभिन्न योजनाओं के शुभारम्भ तथा लोकार्पण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। नगरीय विकास मंत्री ने इस अवसर पर आवासन मण्डल द्वारा विकसित प्रताप नगर एवं मानसरोवर चौपाटियों में आने वाले लोगों की सुविधा के लिये मोबाइल एप 'Book My Chaupati'की भी लॉन्चिंग की।
बुधवार नीलामी उत्सव से मिली कामयाबी
नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तब आवासन मंडल हमें करीब-करीब बंद होने के हालात में मिला। करीब 20 हजार अधिशेष आवास थे लेकिन मात्र साढे तीन साल की छोटी सी अवधि में ही मण्डल की टीम ने पूरी मेहनत और प्रोफेशनल एप्रोच से काम कर 6 हजार करोड रूपये से अधिक का टर्नऑवर हासिल किया है। कुल 14437 आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों का विक्रय कर करीब 3 हजार 120 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त किया है जो निश्चय ही बडी उपलब्धि है। मण्डल ने अपनी अधिशेष सम्पत्तियों को बेचने के लिये बुधवार नीलामी उत्सव योजना सफलता से लागू की। वित्तीय वर्ष 2022-23 के शुरूआती दो माह में ही बुधवार नीलामी उत्सव के माध्यम से 950 आवासीय एवं व्यावसायिक अधिशेष सम्पत्तियों का विक्रय कर कुल 122 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया गया है।
कोचिंग हब के आवंटन की प्रक्रिया इसी माह से
नगरीय विकास मंत्री ने इस सफलता के लिये आवासन आयुक्त पवन अरोडा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आवासन आयुक्त ने लीडरशिप की मिसाल प्रस्तुत करते हुए अपनी टीम में कामयाबी का जज्बा पैदा किया। इसी का नतीजा है कि आज आवासन मण्डल कोचिंग हब, विधायक आवास, सिटी पार्क, फाउंटेन स्क्वायर, कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब, मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजना और एआईएस रेजीडेन्सी जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को तेज गति से पूरा कर रहा है। यह हम सभी के लिये बडे गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि कोचिंग हब के आवंटन की प्रक्रिया भी इसी माह में शुरू हो जाएगी।
इसी मानसून में आमजन के लिये खुलेगा सिटी पार्क
नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि सिटी पार्क के प्रथम चरण का कार्य पूरा होने को है। आगामी मानसून में हम इसे सघन पौधारोपण के कार्यक्रम के साथ आमजन के लिये खोल देंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजनाओं के फ्लैट्स का कब्जा इसी जुलाई माह में देने के लिये प्रयत्नशील हैं। मण्डल 18 छोटे शहरों में भी 3 हजार से अधिक स्वतंत्र आवासों का निर्माण कर रहा है जिसमें से लगभग 15 शहरों में यह निर्माण कार्य पूर्ण हो भी चुका है। सिर्फ आउटर डवलपमेंट का काम चल रहा है। इनका भी पजेशन हम इसी जुलाई माह में देने का प्रयास कर रहे है।
धारीवाल ने कहा कि पहली बार मण्डल ने 7मुख्यमंत्री जन आवास योजनाओं के 4500 ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स निर्माण कार्य हाथ में लिया है। जिनका काम भी तेजी से चल रहा है। इनमें से 4 योजनाओं में फ्लैट्स का कब्जा इसी वर्ष दे दिया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग कुंजीलाल मीणा ने कहा कि मण्डल को राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है और जो भी योजना मंजूरी के लिये प्राप्त होती है उसे अविलम्ब स्वीकृति दी जाती है। प्रदेश के जिन नगरपालिका क्षेत्रों में आवासन मण्डल की योजनाएं नहीं है वहां भी भूमि अवाप्त कर योजनाएं लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लैंड फॉर लैंड की नीति लाई गयी है जिसके तहत अभियान चला कर आने वाले तीन महिने में किसानों की भूमि अवाप्ति से संबंधित लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।
इससे पहले आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने मण्डल की सफलता का श्रेय आवासन मण्डल की पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर के प्रताप नगर के हल्दीघाटी मार्ग पर 65 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा कोचिंग हब प्रोजेक्ट देश का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। देश के कई राज्यों के कोचिंग संचालकों ने इसमें रूचि दिखाई है। इसके प्रारंभ होने से रिहायशी क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों के कारण यातायात, पार्किंग एवं व्यावसायिक गतिविधियों की समस्या से निजात मिलेगी और एक ही स्थान पर कोचिंग से संबंधित गतिविधियां संचालित हो सकेंगी।
आवासन आयुक्त ने बताया कि राजस्थान आवासन मण्डल जयपुर में बडे लग्जरी फ्लैट्स बनाने जा रहा है। मण्डल ने ऑल इण्डिया रेजीडेंसी के अधिकारियों के लिये फेज-1 एवं फेज-2 लॉन्च किया है और उनको देखते हुए ही सभी स्टेट सर्विसेज के अधिकारियों की भी मांग थी कि इस तरह के आवास हमारे लिये भी उपलब्ध करवाए जाएं। आज स्टेट सर्विस रेजीडेन्सी आवासीय योजना का शुभारम्भ किया जा रहा है जिसमें कुल 175 फ्लैट्स तैयार करवाये जा रहे है जिसमें राज्य सरकार के सभी विभागों के राज्य सेवा के अधिकारी भाग ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि मण्डल के इतिहास में पहली बार इन्दिरा गांधी नगर में 3 एमएलडी एवं मानसरोवर में 2 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट भी तैयार करवाया गया है। इन्दिरा गांधी नगर एसटीपी का पानी वहां के 21 पार्कों को दिया जाएगा। द्रव्यवती नदी से निकलने वाले पानी का शोधन करते हुए सिटी पार्क में भी पानी सिंचाई के लिए दिया जाएगा।
कार्यक्रम में सचिव संचिता विश्नोई, मुख्य अभियन्ता के.सी. मीणा, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता नत्थूराम, मुख्य सम्पदा प्रबंधक प्रीति सिंह पंवार, राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं आवासन मण्डल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
इन योजनाओं का शुभारम्भ तथा लोकार्पण -
· प्रताप नगर के सेक्टर-24 में 315 करोड रूपये की एनआरआई स्काई पार्क आवासीय योजना का शुभारम्भ। (3 बीएचके, 4 बीएचके एवं 5 बीएचके के 166 फ्लैट्स)
· प्रताप नगर के सेक्टर-19 में RAS, RPS, RJS एवं राज्य सेवा के अन्य अधिखारियों के लिये 127 करोड रूपये की स्टेट सर्विस रेजीडेन्सी आवासीय योजना का शुभारम्भ। (एचआईजी-प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के कुल 175फ्लैट्स)
· मानसरोवर में फार्म हाउस आवासीय योजना का शुभारम्भ। (1500 से 1800 वर्ग मीटर के 8 फार्म हाउस)
· दो सामुदायिक केन्द्रों (प्रताप नगर के सेक्टर-3 एवं 5 तथा सेक्टर-26 में 4 करोड 65 लाख रूपये की लागत से) का लोकार्पण।
· दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों (मानसरोवर एवं इन्दिरा गांधी नगर में कुल 5 एमएलडी क्षमता के 14 करोड 50 लाख रूपये की लागत से निर्मित) का लोकार्पण।
· आवासन मण्डल द्वारा विकसित प्रताप नगर एवं मानसरोवर चौपाटियों में आने वाले लोगों की सुविधा के लिये मोबाइल एप 'Book My Chaupati' की लॉन्चिंग।
· मण्डल की विभिन्न आवासीय योजनाओं के पार्कों में द्वितीय चरण के तहत 50 खुली व्यायाम शालाओं के कार्य का शुभारम्भ। (परियोजना की लागत 1 करोड 11लाख रूपये)
· इन्दिरा गांधी नगर, जगतपुरा की 200 फीट चौडी 4.7 कि.मी. लम्बाई में मुख्य सम्पर्क सडक (गंगा मार्ग 6 लेन का) सुदृढीकरण एवं सौन्दर्यकरण के काम की लॉन्चिंग। (परियोजना की लागत 48 करोड रूपये)
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