दो हफ़्तों में 42,500 लोगों तक पहुँची गुरु-कृपा: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की दान-सेवा

42,500 ब्रज के महात्माओं, निराश्रित माताओं एवं स्कूली बच्चों को 8 नवम्बर से 24 नवम्बर, 2025 के बीच जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से सहायता सामग्री का वितरण किया गया।

Fri, 28 Nov 2025 07:55 PM (IST)
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दो हफ़्तों में 42,500 लोगों तक पहुँची गुरु-कृपा: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की दान-सेवा
दो हफ़्तों में 42,500 लोगों तक पहुँची गुरु-कृपा: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की दान-सेवा

नई दिल्ली, नवंबर 28 : जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) द्वारा आयोजित विशाल वितरण कार्यक्रम।

42,500 ब्रज के महात्माओं, निराश्रित माताओं एवं स्कूली बच्चों को 8 नवम्बर से 24 नवम्बर, 2025 के बीच जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से सहायता सामग्री का वितरण किया गया।

इस युग के पंचम मूल जगद्गुरु, श्री कृपालु जी महाराज की कृपा से उनकी परमार्थ संस्था जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) द्वारा निरंतर समाज के वंचित वर्ग की भारी मात्रा में दान-सेवा की जा रही है। ऐसा ही एक प्रकल्प हाल में ब्रज धाम में संपन्न हुआ।

JKP की अध्यक्षाओं सुश्री डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी एवं सुश्री डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी ने अपने गुरु एवं पिता जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज और बड़ी बहन सुश्री डॉ. विशाखा त्रिपाठी जी के पदचिह्नों पर चलते हुए प्रेम मंदिर श्री वृन्दावन धाम, रँगीली महल बरसाना एवं श्री कृपालु धाम मनगढ़ में मुक्तहस्त से दान किया।

जगद्गुरु कृपालु जी की प्रेरणा

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के उपकारों का स्मरण कराते हुए डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी ने कहा, “जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने अपने सिद्धांत में बताया कि हम दो हैं - एक दिव्य आत्मा और एक भौतिक शरीर। उन्होनें अध्यात्मिक उत्थान हेतु अनेक ग्रंथ लिखे और प्रवचन दिए तथा मन्दिरों का निर्माण कराया ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी लाभान्वित हों। गरीबों के प्रति उनका हृदय अत्यंत द्रवित रहता, इसलिए उन्होंने जनकल्याण की अनेक योजनाएँ प्रारम्भ कीं जिनके द्वारा वर्षभर सहायता कार्य करवाए जाते हैं।”

डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी ने कहा, “हम तो केवल निमित्त-मात्र हैं। गुरुवर की कृपा से ही सब सम्भव हो रहा है। उनके पदचिह्नों पर चलकर हम ब्रज में विविध कार्यक्रम सम्पन्न कर पा रहे हैं। यह सब उनकी ही कृपा का परिणाम है।”

9,000 छात्र — 8 एवं 9 नवम्बर, 2025, श्री कृपालु धाम

8 नवम्बर को जगद्गुरु कृपालु परिषत् के निःशुल्क स्कूलों के 2,000 विद्यार्थियों को गरम जैकेट, कंबल, साइकिलें एवं पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे शिक्षा-पथ पर उनके आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि हो सके।

9 नवम्बर को श्री कृपालु धाम में 7,000 बच्चों को जैकेट, कंबल, मोज़े, टोपी आदि दिये गये। ये सामग्री पाकर बच्चों के मुख पर मुस्कान खिल गयी।

8,500 ग्रामीण — 13 नवम्बर, 2025, श्री कृपालु धाम

सुश्री डॉ. विशाखा त्रिपाठी जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर श्री कृपालु धाम में एक विशाल वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। साधकों की आँखों में प्रेम और बड़ी दीदी की स्मृतियों की नमी थी। गर्म कंबल, शॉल आदि पाकर 8,500 ग्रामीणों के चेहरे पर दिखती राहत, नई आशा और कृतज्ञता ने इस दिन को अविस्मरणीय बना दिया।

5,000 साधु एवं ब्रजवासी — 17 नवम्बर, 2025, वृन्दावन

प्रेम मंदिर, वृंदावन में साधुओं के चरणों में सेवा अर्पित करते हुए JKP ने साधुओं और ब्रजवासियों को आवश्यक वस्तुओं से भरे 5,000 बैग प्रदान किए। हर बैग में पिट्ठू बैग, स्लिंग बैग, धोती-कुर्ता, बेडशीट, तौलिया, जैकेट, कंबल, डोलू, कटोरा, मच्छरदानी आदि आवश्यक सामग्री थी।

ब्रज के एक साधु राधेश्याम दास जी ने कहा, “हम 14 वर्षों से प्रतिवर्ष इस दिव्य वितरण कार्यक्रम का लाभ ले रहे हैं। हमने स्वयं अपने नेत्रों से जगद्गुरु कृपालु जी के दर्शन किये हैं। ऐसा तेज और ऐसी दयालुता केवल दिव्य विभूतियों में ही संभव है। हम जगद्गुरु जी के चरणों में प्रणाम करते हैं।”

जब प्रेम मंदिर में अनेक साधु “राधे राधे!” और “जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की जय!” कहते हुए नाचने लगे, तो सब साधक उन्हें देखकर हर्षित हो गये।

 

प्रेम मंदिर, वृन्दावन में वितरण कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) की अध्यक्षायें सुश्री डॉ. श्यामा त्रिपाठी जी एवं सुश्री डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जी।

4,000 निराश्रित मातायें — 18 नवम्बर, 2025, वृन्दावन

प्रेम मंदिर में मातृत्व, संवेदना और करुणा का संगम उतर आया जब 4,000 विधवा मातायें पंक्तिबद्ध होकर भगवान् को प्रणाम करती हुईं, वितरण सामग्री लेने के लिए पहुँचीं।

सबको स्वेटर, टोपी, स्टोल, कंबल, मच्छरदानी, छाता, रसोई के बर्तन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएँ दी गयीं। उनकी आँखों में चमकता विश्वास यह कह रहा था कोई है जो हमें हमारी विवशता में भी सम्मान देता है।

3,000 साधु एवं ब्रजवासी — 20 नवम्बर, 2025, बरसाना

राधारानी की जन्मभूमि श्री बरसाना धाम में जब JKP द्वारा 3,000 साधुओं को सर्दी की अनिवार्य वस्तुएँ दी गईं, तो हर ओर कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।

2,000 निराश्रित मातायें — 21 नवम्बर, 2025, बरसाना

2,000 विधवा माताओं के चेहरों पर बरसाना में जो संतोष दिखा, वह अमूल्य था।

बरसाना की एक लाभार्थी, कमला जी ने बताया - “जिनका कोई नहीं होता, उनका भगवान् होता है। कृपालु बाबा हमारे भगवान् हैं। हम साल में कई बार ये सौदा पाती हैं। बाबा न होते तो पता नहीं हम इस ठण्ड में कैसे गुज़र-बसर कर पातीं। कृपालु बाबा और उनकी तीनों बेटियाँ बहुत अच्छी हैं।”

6,000 छात्र — 22 नवम्बर, 2025, बरसाना

कीर्ति मंदिर परिसर में 6,000 बच्चों को गरम जैकेट, कंबल, मोज़े, टोपी आदि प्रदान किये गए।

5,000 छात्र — 24 नवम्बर, 2025, वृन्दावन

वृंदावन में 5,000 बच्चों को सर्दी से राहत प्रदान करने के लिए जैकेट, कंबल, टोपी, मोज़े दिए गए। बच्चे जैकेट पहनकर एक दूसरे को दिखाते नज़र आये जिसे देखकर सब बहुत खुश हुए।

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