अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' के तीसरे सत्र में ईरान और इजरायल की फिल्मों ने मचाई धूम 

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' का सफल आयोजन : ईरान और इजरायल की फिल्मों ने किया आकर्षित

Mamta Choudhary
Mamta Choudhary Verified Public Figure • 27 Mar, 2026 Editor
दिसंबर 5, 2024 • 3:14 PM  0
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अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' के तीसरे सत्र में ईरान और इजरायल की फिल्मों ने मचाई धूम 
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अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' के तीसरे सत्र में ईरान और इजरायल की फिल्मों ने मचाई धूम 
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' के तीसरे सत्र में ईरान और इजरायल की फिल्मों ने मचाई धूम 

 मुंबई के एल एस रहेजा कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव 'यथा कथा' ने एक बार फिर सिनेमा और साहित्य प्रेमियों को अपने अद्भुत अनुभव से मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महोत्सव में ईरान, इजरायल, यूक्रेन, इटली, जापान आदि सहित 20 से अधिक देशों से 179 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं जिनमें ईरान और इजरायल की फिल्में खास आकर्षण का केंद्र रहीं।  

चार दिवसीय यथाकथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव धूमधाम से समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ईरान कल्चर हाउस के डायरेक्टर मोह्हमद रेज़ा फ़ज़ल, अभिनेता धीरज कुमार और मुंबई की जी एस टी कमिश्नर स्मिता सोमाने जी ने फिल्म और साहित्य के पुरस्कारों के साथ ही राजभाषा हिंदी और मैथिली भाषा के विशिष्ट सम्मानों का भी वितरण किया।

इस महोत्सव में देश विदेश से आयी बेहतरीन फिल्मों और साहित्य की झलक के अलावा कई ज्ञानवर्धक पैनल चर्चाएं हुईं , जिनमें विशेष रूप से एल जी बी टी क्यू के मुद्दे, मुंबई में बढ़ते मेट्रो क्राइम का बदलता चेहरा, कोलोनोनिअल विचारधारा का लेखन पर बढ़ता प्रभाव, भारतीय युवाओं में पारम्परिक मीडिया और सोशल मीडिया का बढ़ता चलन, ओ टी टी के निरंतर बदलते तेवर तथा अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर बॉलीवुड के जाने माने सितारों ने अपने अनुभव और विचार साझा किये।


ईरान और इजरायल से आए प्रतिनिधियों ने फिल्मकारों के साथ संवाद किया और उनके काम को सराहा, साथ ही यह भी जताया कि कला और सिनेमा की कोई सीमा या राष्ट्रीयता नहीं होती। इस आयोजन ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को और मजबूत किया, और इस अवसर पर फिल्म उद्योग के दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की फिल्मों की सराहना की।  

यथाकथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव में इस वर्ष ईरान विशेष फोकस में रहा जिसमें ईरान से आयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
ईरान कल्चर हाउस मुंबई के निदेशक मोहम्मद रेज़ा फ़ज़ल ने कहा, "यह महोत्सव सिनेमा के माध्यम से अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के बीच समझ और सम्मान को बढ़ावा देने का एक अद्भुत मंच है। हम बेहद खुश हैं कि ईरान की फिल्मों को यहां सराहा गया।" इतना ही नहीं उन्होंने यथाकथा फेस्टिवल की टीम और विशेषकर यथाकथा की फाउंडर चारु शर्मा को उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।

वहीं, इजरायल दूतावास के कौंसल जनरल कोबी शोशानि ने कहा, "सिनेमा न केवल मनोरंजन का एक माध्यम है, बल्कि यह हमें एक-दूसरे की कहानियों और दृष्टिकोण को समझने का अवसर भी देता है। यथाकथा महोत्सव ने इस दृष्टिकोण को सफलतापूर्वक दर्शाया है।"

यथाकथा महोत्सव की आयोजक चारु शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा, "यथाकथा महोत्सव का उद्देश्य सिनेमा और साहित्य के माध्यम से दुनिया भर की संस्कृतियों को जोड़ना है। इस महोत्सव के दौरान हम देख रहे हैं कि फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे समाज के मुद्दों को उजागर करने और संवाद को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं साथ ही यह महोत्सव इसकी पुष्टि करता है कि कला की शक्ति सीमाओं को पार करती है और विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन सकती है।"

यथाकथा फेस्टिवल के फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ मोहन दास ने इस मौके पर सभी को धन्यवाद् अर्पित करते हुए कहा “हम गर्व महसूस करते हैं कि हम इस मंच पर विश्वभर के प्रतिभाशाली फिल्मकारों और लेखकों को एक साथ ला सके। मैं सभी प्रतिभागियों, दर्शकों, और फिल्मकारों को इस अद्वितीय यात्रा का हिस्सा बनने के लिए बधाई देता हूं।"

इस अवसर पर मुंबई के फिल्म उद्योग और साहित्यिक जगत के कई प्रमुख हस्तियों ने भी शिरकत की, उन्होंने फिल्मकारों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी। महोत्सव ने न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के फिल्मकारों और लेखकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने अपनी कृतियों का आदान-प्रदान किया और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर पाया।  

यथाकथा के तीसरे संस्करण में विशेष पोस्टर का अनावरण किया गया और इसके समर्थकों और सहयोगियों में विशेषकर क्रोकिओ प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया मुंबई के प्रतिनिधि, एन टी पी सी दादरी के प्रतिनिधि, ग्लोबल हिंदी फाउंडेशन सिंगापुर व् अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
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