जोधपुर। राजस्थान की सांस्कृतिक नगरी जोधपुर इन दिनों सोशल मीडिया और गौ सेवा के क्षेत्र में तेजी से उभरते युवा चेहरों को लेकर चर्चा में है। इन्हीं नामों में एक प्रमुख नाम है सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और गौ सेवक रोनक चौधरी का, जो अपनी संस्था “जीवदया फाउंडेशन” के माध्यम से लगातार गौ सेवा, पशु संरक्षण और समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवा वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और सोशल मीडिया पर लाखों लोग उनके कार्यों से प्रेरित हो रहे हैं।

रोनक चौधरी ने बहुत कम समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके वीडियो और समाजसेवा से जुड़े संदेश युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने केवल डिजिटल दुनिया तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन स्तर पर भी गौ माता की सेवा और बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए कई अभियान शुरू किए।

जानकारी के अनुसार जीवदया फाउंडेशन का उद्देश्य घायल, बीमार और बेसहारा गौवंश की सहायता करना है। संस्था द्वारा समय-समय पर पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। संस्था से जुड़े कई युवा स्वयंसेवक भी इस सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं। फाउंडेशन का संपर्क कार्यालय जोधपुर में संचालित बताया जाता है।

रोनक चौधरी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गौ सेवा और पशु संरक्षण के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उनके वीडियो में अक्सर गौशाला, पशुओं की देखभाल और जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े दृश्य देखने को मिलते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़ रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बन चुकी है जो आधुनिक सोशल मीडिया का उपयोग समाजहित के लिए कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोनाक चौधरी द्वारा कई बार घायल पशुओं के इलाज और बचाव कार्य में तत्काल मदद पहुंचाई गई। गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना, गौशालाओं में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। समाजसेवा के इन कार्यों के कारण उन्हें विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

हाल ही में रोनक चौधरी से जुड़े कई इंटरव्यू और पॉडकास्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें उन्होंने गौ सेवा, समाजसेवा और युवाओं की जिम्मेदारियों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य केवल लोकप्रियता हासिल करना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का उपयोग जहां कई बार गलत दिशा में होता दिखाई देता है, वहीं रोनाक चौधरी जैसे युवा इसे सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों के लिए उपयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि युवा पीढ़ी उनके कार्यों को सराह रही है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लाखों व्यूज प्राप्त कर रहे हैं और लोग उन्हें “गौ सेवक” के रूप में पहचानने लगे हैं।

रोनक चौधरी का कहना है कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि मानवता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उनका मानना है कि समाज के हर व्यक्ति को बेसहारा पशुओं के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास किसी एक पशु की भी मदद करे तो बड़ी संख्या में पशुओं को नया जीवन मिल सकता है।

जोधपुर सहित पूरे राजस्थान में जीवदया और पशु संरक्षण को लेकर चल रहे अभियानों में अब युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में रोनक चौधरी जैसे युवा समाजसेवियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर जमीन पर सेवा कार्य करना आज के दौर में युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।

समाजसेवा और गौ संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाले रोनक चौधरी आने वाले समय में और बड़े स्तर पर सेवा कार्य करने की योजना बना रहे हैं। स्थानीय लोगों और समर्थकों को उम्मीद है कि जीवदया फाउंडेशन भविष्य में पशु संरक्षण और समाजहित के कई नए अभियान शुरू करेगा।