आज के समय में, जहां मॉडलिंग और क्रिएटिव इंडस्ट्री में एजेंसियों और ब्यूटी पेजेंट्स का दबदबा रहता है, वहीं Riya Singh ने अपनी पहचान पूरी तरह से खुद के दम पर बनाई है। उन्होंने मात्र 18 वर्ष की उम्र में फ्रीलांस मॉडलिंग की शुरुआत की, बिना किसी एजेंसी, पेजेंट या औपचारिक मंच के सहारे। सोशल मीडिया के जरिए फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स से जुड़कर उन्होंने अपने शुरुआती प्रोजेक्ट्स हासिल किए।
रिया ने दिल्ली और जयपुर में नामी सेलिब्रिटी फोटोग्राफर्स के साथ हाई ज्वेलरी और ब्राइडल कैंपेन किए, जिसने उनके करियर को मजबूत आधार दिया। इन अनुभवों ने उन्हें न सिर्फ कैमरे के सामने आत्मविश्वास दिया, बल्कि ब्रांडिंग और विजुअल प्रेजेंटेशन की गहरी समझ भी विकसित की।
मॉडलिंग के साथ-साथ रिया ने लेखन की दुनिया में भी कदम रखा। 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी पहली पुस्तक The Portal Between Darkness and Light लॉन्च की। यह एक नॉन-फिक्शन आध्यात्मिक पुस्तक है, जो जीवन के अंधेरे दौर में अपने भीतर की रोशनी खोजने की यात्रा को दर्शाती है। यह किताब रिया के निजी अनुभवों और आत्मिक विकास को प्रतिबिंबित करती है।
पेशेवर रूप से रिया पिछले छह वर्षों से डिजिटल मार्केटिंग इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। वर्तमान में वह एक मार्केटिंग एजेंसी में क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही फ्रीलांस सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट भी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम किया है, जिनमें ज्वेलरी, फैशन, डेंटल और सर्विस-बेस्ड ब्रांड्स शामिल हैं। रिया का मानना है कि सोशल मीडिया केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि ब्रांड की पहचान और विश्वसनीयता बनाने का सशक्त जरिया है।
आध्यात्मिकता रिया के जीवन का अहम हिस्सा रही है। योग से उनका जुड़ाव बचपन से रहा, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान यह और गहरा हुआ। इस समय उन्होंने एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 25,000 से अधिक लोगों को योग सिखाया। इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश से योगा टीचर ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया। फिलहाल योग उनके लिए आत्म-संतुलन और मानसिक शांति का साधन है।
इसके अलावा, रिया एक प्रमाणित प्राणिक हीलर भी हैं। उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन, जयपुर से क्रिस्टल प्राणिक हीलिंग तक कई कोर्स किए हैं। वह मानती हैं कि हीलिंग ने उनके जीवन को अंदर से पूरी तरह बदल दिया और कठिन समय में उन्हें आत्मबल प्रदान किया।
नृत्य, खासकर लैटिन डांस, रिया के लिए ध्यान का एक रूप है। वर्ष 2022 में जयपुर से उन्होंने लैटिन डांस की ट्रेनिंग शुरू की और भारत के विभिन्न डांस फेस्टिवल्स में हिस्सा लिया। किज़ोम्बा में टीचर ट्रेनिंग लेने के बाद वह इच्छुक विद्यार्थियों को प्राइवेट सेशंस भी देती हैं।
रिया सिंह का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा वह खुद हैं। वह मानती हैं कि जीवन में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार कर, खुद से प्रेम करना और आत्मविश्वास बनाए रखना ही असली ताकत है। युवाओं को उनका संदेश है—अगर आप अपने टैलेंट पर विश्वास रखते हैं, तो बिना डरे अपने सपनों को आज़माएं, क्योंकि हर अनुभव आपको बेहतर इंसान बनाता है।