जयपुर। स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की रफ्तार को देखते हुए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबिनार श्रृंखला के दूसरे सत्र का सफल आयोजन किया। विषय था — “हेल्थकेयर एनालिटिक्स और डिजिटल हेल्थ: स्वास्थ्य क्षेत्र में उभरते करियर विकल्प”। 5 जून 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों और युवा पेशेवरों के बीच काफी उत्साह जगाया।

यह वेबिनार उन युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ जो हेल्थकेयर एनालिटिक्स, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस और हेल्थ टेक जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के एमबीए (हेल्थकेयर एनालिटिक्स) कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में बदलती कौशल आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई।

वेबिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्वास्थ्य सेवाओं में एनालिटिक्स, एआई, डिजिटल तकनीकों और डेटा प्रबंधन के बढ़ते महत्व से अवगत कराना था। विशेषज्ञों ने नए करियर अवसरों, क्षेत्र में उभरते रुझानों और डिजिटल हेल्थ से जुड़े रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। प्रतिभागी सक्रिय रूप से जुड़े और अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने कहा, “स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिससे डेटा और तकनीक की समझ रखने वाले युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं। हमारा उद्देश्य छात्रों को ऐसे उभरते करियर विकल्पों के बारे में सही मार्गदर्शन देना है।” उन्होंने यह भी बताया कि वेबिनार में प्रबंधन, स्वास्थ्य, फार्मेसी, लाइफ साइंस, इंजीनियरिंग, आईटी और संबंधित क्षेत्रों के छात्रों की अच्छी भागीदारी रही।

डॉ. सोडानी के अलावा स्कूल ऑफ डिजिटल हेल्थ के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. राजेश कुमार सिन्हा ने भी विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। दोनों विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

यह आयोजन आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें वे छात्रों को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने पर जोर देते हैं। आज के समय में जब स्वास्थ्य डेटा की मात्रा बढ़ रही है और एआई आधारित समाधान आम होते जा रहे हैं, ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वेबिनार में चर्चा हुई कि डिजिटल हेल्थ केवल तकनीक तक सीमित नहीं है बल्कि यह मरीजों की बेहतर देखभाल, सही निर्णय लेने और स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक कुशल बनाने का माध्यम भी है। प्रतिभागियों को बताया गया कि हेल्थकेयर एनालिटिक्स में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य स्टार्टअप्स, नीति निर्माण संस्थाओं और टेक कंपनियों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी नियमित रूप से ऐसी वेबिनार श्रृंखला चला रही है जिसका लक्ष्य छात्रों को उद्योग की वर्तमान मांगों से जोड़ना है। इस सत्र की सफलता को देखते हुए विश्वविद्यालय भविष्य में और अधिक ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है।

जो छात्र स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह वेबिनार एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इसमें मिली जानकारी और प्रेरणा निश्चित रूप से उनके भविष्य को नई दिशा देगी। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान न केवल शिक्षा प्रदान कर रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।