बालोतरा/बायतु। बायतु क्षेत्र में प्रस्तावित सौर ऊर्जा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के तहत बिछाई जा रही हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने संवेदनशील और दृढ़ रुख अपनाया। गुरुवार को उपखंड मुख्यालय में हुई बैठक में उन्होंने पावर ग्रिड कंपनी, उपखंड अधिकारी और प्रभावित किसानों के साथ खुली चर्चा की।

बैठक में हरीश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि डीएलसी दरों से केवल दो गुना मुआवज़ा पर्याप्त नहीं है, किसानों को उनके नुकसान की भरपाई हेतु पांच गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुआवजा न सिर्फ भूमि का है, बल्कि फसलों और मानसिक शांति का भी है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

विधायक ने कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जाए और आपसी संवाद और सहमति के माध्यम से ही समाधान निकाला जाए। चौधरी ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को पहले भी राजस्थान विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था और सरकार से पारदर्शिता के साथ किसानों की सहमति के बिना अधिग्रहण नहीं करने की मांग की थी।

उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा विभाग के सचिव और अन्य अधिकारियों से चर्चा कर डीएलसी दरों में बढ़ोतरी कर उसके पांच गुना मुआवज़ा देने की पुरजोर मांग की गई थी, जिस पर सरकार द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी गई।

किसानों की ओर से फसलों को नुकसान, जबरन जमीन पर काम शुरू करने और अपर्याप्त मुआवज़े जैसी शिकायतों पर चौधरी ने भरोसा दिलाया कि वे किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।