नई दिल्ली/जयपुर: राजस्थान में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में GRAM-2026 इन्वेस्टर मीट के दौरान कनाडा, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील, वियतनाम और अर्जेंटीना के वरिष्ठ व्यापार एवं कृषि प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठकें कीं।

ये उच्चस्तरीय वार्ताएं राज्य में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित करने, अत्याधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने और फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित रहीं। अधिकारियों ने इन्हें राजस्थान की कृषि को आधुनिक बनाने और वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की रणनीतिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन देशों के प्रतिनिधियों के साथ कृषि निवेश, नई तकनीकों और फूड प्रोसेसिंग पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा, “इन साझेदारियों से हमारे किसान आधुनिक तकनीक अपनाएंगे, फसलों के बेहतर प्रसंस्करण और निर्यात के नए अवसर प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।”

बैठकों में रूस की ड्रोन-आधारित सटीक कृषि, कनाडा की एग्री-प्रोसेसिंग और पराली प्रबंधन, ब्राजील की सोयाबीन खेती तथा मक्के से मेथेनॉल उत्पादन जैसी सफल मॉडल्स पर विशेष चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया, इटली, वियतनाम और अर्जेंटीना से भी मूल्यवान तकनीकी अंतर्दृष्टि साझा की गई। इनका सीधा लाभ राजस्थान के किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर आय के रूप में मिलेगा।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ

नई तकनीक हस्तांतरण से किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से स्थानीय उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने से पारंपरिक फसलों को अच्छी कीमत मिल सकेगी। इसके अलावा एग्री-स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

बैठकों के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित कृषि नवाचारों को राजस्थान लाने के लिए त्वरित कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें फिजिबिलिटी स्टडी, पायलट प्रोजेक्ट और नीतिगत समर्थन शामिल होगा।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट की तैयारी

सरकार 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन करेगी। इस मंच पर किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और नीति-निर्माता एक साथ बैठकर तकनीकी अपनाने और निवेश प्रस्तावों पर काम करेंगे। वर्तमान कूटनीतिक प्रयासों को इस आयोजन के माध्यम से जमीन पर ठोस परियोजनाओं में बदला जाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने कृषि क्षेत्र में राज्य सरकार के समन्वित दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

सूखा और अर्ध-सूखा क्षेत्र होने के बावजूद राजस्थान जलवायु-अनुकूल कृषि समाधानों की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। GRAM-2026 पहल राज्य सरकार के ‘किसान आय दोगुनी’ के विजन के अनुरूप विविधीकरण, मूल्यवर्धन और बाजार एकीकरण पर आधारित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल समयोचित और व्यावहारिक है। भारत के कृषि निर्यात और सतत खेती पर जोर के बीच राजस्थान की यह सक्रियता राज्य को कृषि क्षेत्र में उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

GRAM-2026 इन्वेस्टर मीट राजस्थान को प्रौद्योगिकी-संचालित, निर्यात-उन्मुख कृषि अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जो सीधे किसानों के हित में होगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगा।