महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,उदयपुर ने अधिष्ठाता, सी.टी.ए.ई का कार्यभार ग्रहण किया

डाॅं सिहं, मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष भी रह चुके है। डाॅ सिंह को फुलब्राइट फेलोशिप के अन्तर्गत फ्लोरिडा अंर्तराष्ट्रीय विश्वविद्यालय अमेरिका मे विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके है तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो पुरूस्कार प्राप्त कर चुके हंै। डाॅ. सिंह को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2003 एवं 2019 में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरूस्कार एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली सेजी पुरूस्कार से भी सम्मानित हो चुके है। डाॅ. सिंह ने जलग्रहण परियोजनाओं में राजस्थान सरकार में तकनीकी सलाहकार के रूप में भी काम किया है। डाॅ. सिंह ने कृषि अभियांत्रिकी विषय में 10 पुस्तकें भी लिखी है जो कृषि अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों को पढ़ाई जा रही है। इनमे सें 3 पुस्तकों का प्रकाशन युनेस्को एवं स्वीस एजेंसी द्वारा किया गया है। डाॅ. सिंह ने अपने अघ्यापन काल में एम.टेक. (कृषि अभियांत्रिकी) 40 विद्यार्थियों एवं 8 पी.एच.डी. विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। वर्तमान में डाॅ. सिंह कई शैक्षणिक संस्थाओं के सदस्य है। डाॅ. सिंह के द्वारा वर्षा जल संग्रहण के लिए कम लागत की बनाई गयी संरचना दक्षिणी राजस्थान तथा देश के अन्य अर्ध शुष्क क्षेत्रों में प्रभावी रूप से सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं उपयोग में ली जा रही है।

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