मंडावर में हुई वैश्य समाज की हत्या, क्रॉस वोटिंग से पैदा हुआ पब्लिक में आक्रोश

कॉंग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता रामनिवास गोयल राजनैतिक षड्यंत्र का हुए शिकार

15 अगस्त 2021 की सुबह तक रामनिवास गोयल परिवार का पंचायत समिति चुनाव लड़ने का कोई विचार नहीं था। पीसीसी सदस्य रामनिवास गोयल को पार्टी द्वारा पंचायत समिति महवा के टिकट वितरण में एमएलए हुड़ला के साथ जिम्मेदारी दी गई थी। रामनिवास गोयल अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने के लिए 15 अगस्त 2021 को जिला अध्यक्ष रामजीलाल ओड एवं एमएलए हुड़ला के साथ पीसीसी ऑफिस में टिकट दिलवाने के लिए गए थे। परंतु वहीं से एमएलए हुड़ला पीसीसी सदस्य रामनिवास गोयल को साजिश कर टारगेट करना शुरू किया गया एवं उन्हें अपनी पुत्रवधु को चुनाव लड़वाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

जिला अध्यक्ष एवं एमएलए द्वारा हमें प्रधान पद के टिकट के लिए आस्वासन देने के पश्चात ही पंचायत समिति सदस्य का सिम्बल लेने के लिए गोयल परिवार तैयार हुआ। जिस दिन पंचायत समिति वार्ड नंबर 2 के सदस्य हेतु पार्टी का सिम्बल मिला। उस दिन तक अन्य किसी पार्टी के पास कोई उम्मीदवार नहीं था। बाद में अप्रत्यक्ष रूप से एमएलए द्वारा खंडेलवाल को भाजपा का टिकट दिलवाया गया एवं एक माली समाज के व्यक्ति को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया गया। परंतु रामनिवास गोयल जैसे समाजसेवी सच्चे इंसान जो कि मंडावर क्षेत्र की जनता के दिलों में बसता है उन्हें तमाम विरोधियों के प्रयासों के बावजूद जनता जनार्दन ने 26 अगस्त को वोटिंग के दिन ही शाम को 6 बजे विजय घोष के जयकारे लगाकर विजय जुलूस निकालकर जिता दिया था। उसके तुरंत पश्चात पार्टी प्रत्याशियों को पार्टी कैम्प की समस्त व्यवस्थाओं का जिम्मा एमएलए हुड़ला द्वारा पीसीसी सदस्य रामनिवास गोयल को दिया गया। जिसमें होटल, रहना, खाना, आना जाना कि समस्त व्यवस्थाएँ कल दिनाँक 06 सितम्बर तक रामनिवास गोयल के द्वारा की गई।

इसके पश्चात 03 सितंबर को रामनिवास गोयल अपने छोटे पुत्र प्रेम गोयल के साथ पुष्कर पार्टी कैम्प में रात्रि 10.00 बजे पहुंचे एवं प्रत्येक पार्टी सदस्य से मिलकर कैम्प की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया एवं हालचाल जाने। उसके बाद वापसी पुष्कर से एमएलए हुड़ला के साथ जयपुर प्रस्थान किया। रास्ते में उनसे चुनाव पर विस्तृत चर्चाएं की जिसमें उन्होंने बताया कि पार्टी कैम्प में 10 जीते हुए सदस्य शुरू से मौजूद हैं बाकी चार सदस्य जो कि प्रधान पद की दावेदारी कर रहे हैं उन्हें समझा बुझाकर मना लूंगा एवं 4 तारीख को दौसा से रिजल्ट के पश्चात रामनिवास गोयल के सिम्बल के लिए जयपुर बुलाया। गोयल ने 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे अपनी जीत का रिजल्ट घोषित होने के पश्चात एमएलए हुड़ला से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें अपना महवा की ओर जाने का कार्यक्रम बताया।

रिजल्ट के पश्चात पार्टी का प्रधान बनाने की कवायद में गोयल भी 17 सदस्यों के जोड़तोड़ के आंकड़ों में लग गए। पीसीसी सदस्य रामनिवास गोयल की जिन निर्दलीय एवं बसपा सदस्यों से जोड़तोड़ की बात चल रही थी उन्हीं के पास एमएलए साहब ने स्वयं व्यक्तिगत जाकर उन्हें अपने खेमे में करने के प्रयास प्रारम्भ कर दिए। उन निर्दलीय एवं बसपा के जीते हुए सदस्यों ने एमएलए हुड़ला को स्पष्ट इंकार कर दिया कि हमारी गोयल साहब से बातचीत हो चुकी है आप यहाँ से चले जाइये। इसके बाद में उसी समय हुड़ला ने अपनी नई रणनीति बनाई एवं बीजेपी कैम्प से प्रधान पद के लिए मीना प्रत्याशी को बदलवाकर गुर्जर प्रत्यशी को उम्मीदवार बनवाया। यह आने वाले चुनाव में गुर्जर वोट बैंक को साधने की सुनियोजित योजना थी, जो कि कॉंग्रेस पार्टी का एक मजबूत वोट बैंक है।



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