स्किल सेंटर में प्रशिक्षित व्यक्ति एक जिंदगी भी बचा लें तो योगदान अमूल्य होगा

स्किल सेंटर में प्रशिक्षित व्यक्ति एक जिंदगी भी बचा लें तो योगदान अमूल्य होगा

-परिवहन आयुक्त
परिवहन आयुक्त ने एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में संचालित स्किल डवलपमेंट सेंटर का किया निरीक्षण

परिवहन आयुक्त श्री महेंद्र सोनी ने गुरूवार को सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में स्थापित विश्वस्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाली स्किल डवलमेंट सेंटर और आईसीयू का निरीक्षण किया। उन्होंने जर्मनी में निर्मित इन स्वचालित मॉडल के जरिए फ्रंट लाइनर्स को दिये जाने प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मॉडल से प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दुर्घटना में घायल मरीज जैसा आभास होगा। इससे प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया सीखने में आसानी होगी। 

श्री सोनी ने बताया कि विभाग की मुख्य प्राथमिकता सड़क पर दुर्घटनाओं को रोकना और घायलों की जिंदगी बचाना हैं। विभाग सड़क सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्व है। इस सेंटर में सड़क दुर्घटना में घायलों के साथ ही हार्ट अटैक, लकवाग्रस्त, करंट लगने से पीड़ित सहित अन्य मरीजों के प्राथमिक उपचार का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। 
परिवहन आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान कहा कि परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा फंड द्वारा उपलब्ध बजट का समयबद्ध और अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया गया हैं। यहां पर पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, परिवहन अधिकारियों-कर्मचारियों, सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी सहित सभी क्षेत्रों के लोगों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। यहां किताबों में पढ़ने से ज्यादा उन्हें मॉडल्स से प्रैक्टिकल जानकारी मिलेगी। 

श्री सोनी ने बताया कि कोविड-19 के लॉकडाउन के कारण अस्थाई रूप से बंद बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) प्रशिक्षण कार्यक्रम गृह विभाग की गाइडलाइन के अनुसार शुरू किया जायेगा। इस अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) श्री हरीश कुमार शर्मा, सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ प्रकोष्ठ के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनिधि पांडे, पॉली ट्रोमा के इंचार्ज गिरधर गोयल, एसएमएस अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी उपस्थित रहे। 

स्किल सेंटर पर एक नजर

वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में स्किल लैब की घोषणा की गई थी। ट्रेनिंग मॉडयूल नई दिल्ली स्थित जय प्रकाश नारायण अपेक्स ट्रोमा सेंटर एम्स से तैयार कराया गया हैं। इसे बनाने में लगभग 5 करोड़ की लागत आई थीं। प्रकोष्ठ द्वारा लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड का एडवांस आईसीयू में ट्रोमा सेंटर में ही संचालित हैं। 


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