वैक्सीनेशन को गति देने व और कम वेस्टेज के लिए चिकित्सा विभाग ने जारी किए दिशा निर्देश

वैक्सीनेशन को गति देने व और कम वेस्टेज के लिए चिकित्सा विभाग ने जारी किए दिशा निर्देश

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा के निर्देश पर कोविड टीकाकरण को आवश्यक गति प्रदान करने और कम से कम वेस्टेज सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के साथ चिकित्सा संस्थानों व अन्य के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। 

चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अखिल अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश में सुगम सुचारू एवं समयबद्ध कोविड टीकाकरण हेतु जिला स्तर पर सत्र स्थलों का चयन, प्रचार प्रसार पर्याप्त वैक्सीन स्टॉक की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनातगी एवं पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन वैक्सीनेशन कैम्पों का आयोजन

निर्देशों के अनुसार जिले में वैक्सीन की उपलब्धता के द्वष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतवार ऑफलाईन टीकाकरण कैम्प आयोजित किये जावे। ऎसी ग्राम पंचायतें जिनका भौगोलिक क्षेत्रफल अधिक है तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय से अन्य ग्रामों की दूरी अधिक होने पर ग्रामवार वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किये जावे। ऎसे ग्राम पंचायत मुख्यालय या ग्राम जिनकी जनसंख्या अधिक है उनमें ग्रामवार या वार्डवार वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किये जावे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश आबादी नरेगा श्रमिक के रूप में चिन्हित है। ऎसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में नरेगा कार्य स्थलों या संबंधित ग्राम में नरेगा श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों हेतु ऑफलाईन वैक्सीनेशन सत्र या कैंप आयोजित किये जायें। इन वैक्सीनेशन कैम्पों की तिथियों तथा स्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जावे तथा कैंप दिवस से कम से कम एक दिवस पूर्व प्रचार प्रसार हेतु विशेष अभियान चलाया जावे। 

निर्देशों के अनुसार ये केम्प यथा संभव खुले स्थान यथा विद्यालय के प्रांगण आदि में वैक्सीन संधारण हेतु निर्धारित दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए आयोजित किये जावे। सुचारू व सुगम रूप से वैक्सीनेशन हेतु सत्र स्थलों पर आने वाले लाभार्थियों का बीएलओ के माध्यम से टोकन वितरित करते हुए वैक्सीनेशन किया जावे। इस हेतु सत्र स्थल पर उपलब्ध वैक्सीन डोज की उपलब्धता के आधार पर्याप्त टोकनों की व्यवस्था संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा सुनिश्चित की जाये। सत्र स्थलों पर वैक्सीनेशन में बुजुगोर्ं, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जावे।  इन सत्र स्थलों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त वैक्सीन एवं आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जावे।

शहरी क्षेत्रों में कार्यस्थल पर वैक्सीनेशन पर जोर

शहरी क्षेत्रों में अधिकंश लोग किसी न किसी व्यवसाय, उद्योग, निजी व सरकारी नौकरी आदि से जुड़े हुए है। ऎसी स्थिति में वेक्सीन की अपर्याप्त आपूर्ति के द्वष्टिगत वर्तमान में यथा संभव विभिन्न व्यवसायों /उद्योगों /कार्यालयों से जुड़े हुए कार्य स्थलों को ऑफ लाईन सत्र स्थलों के रूप में चयनित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर संबंधित व्यापारिक, औद्योगिक संगठनों व कार्यालय से जुड़े हुए व्यक्तियों एवं उनके परिवाजनों के लिए ऑफलाईन वेक्सीनेशन केम्प संबंधित व्यापारिक / औद्योगिक संगठनों व कार्यालय प्रबन्धन के सहयोग से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। ऎसे वैक्सीनेशन कैम्पों की तिथि तथा स्थान का प्रचार-प्रसार संबंधित संगठनों व कार्यालय प्रबंधन द्वारा किया जावे। इन सत्र स्थलों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीन एवं आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जावे। टीकाकरण कॅम्पों में निर्धारित लक्ष्य के अतिरिक्त 25 प्रतिशत वैक्सीन डोज आपात स्थिति हेतु रिजर्व में रखी जावे। निर्देशों के अनुसार सभी व्यक्तियों के पास मोबाइल की उपलब्धता नहीं होने के द्वष्टिगत वैक्सीन की प्रथम डोज देते समय ही लाभार्थी को द्वितीय डोज के डयू होने की तिथि ध् अवधि से टोकन देते हुए अवगत कराया जाए। टोकन की व्यवस्था संबंधित संगठन / कार्यालय द्वारा सुनिश्चित की जावे।

इन सत्र स्थलों पर अन्य सभी व्यवस्थाएं (यथा स्थान की उपलब्धता, आवश्यकता अनुसार टेन्टेज, पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं व्यवस्था बनाये रखने हेतु स्वयं सेवकों की तैनाती व सुरक्षा आदि) संबंधित व्यापारिक, औद्योगिक संगठन तथा कार्यालय प्रबंधन द्वारा की जायेगी। निर्देशों के अनुसार सत्र स्थलों पर वैक्सीनेशन में बुजुगोर्ं, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जावे।

राजकीय चिकित्सा संस्थानो पर लगेंगे नियमित कैंप

जिले में उपलब्ध वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन के अनुसार राजकीय चिकित्सा संस्थानों (यथा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल, जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी तिथिवार वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किये जावे। राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर आयोजित टीकाकरण कैम्प में निर्धारित लक्ष्य के अतिरिक्त 25 प्रतिशत वैक्सीन डोज आपात स्थिति हेतु रिजर्व में रखी जावे। इन सत्र स्थलों पर ऑफलाईन टीकाकरण हेतु किसी व्यक्ति के आने पर इन रिजर्व डोज का उपयोग किया जावे। सुचारू व सुगम रूप से वैक्सीनेशन हेतु सत्र स्थलों पर आने वाले लाभार्थियों का बी. एल. ओ. के माध्यम से टोकन वितरित करते हुए वैक्सीनेशन किया जावे। 

इस हेतु सत्र स्थल पर उपलब्ध वैक्सीन डोज की उपलब्धता के आधार पर्याप्त टोकनों की व्यवस्था संबंधित चिकित्सा संस्थान के प्रभारी द्वारा सुनिश्चित की जावे। सत्र स्थलों पर वैक्सीनेशन में बुजुगोर्ं, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जावे।

टीकाकरण का किया जाएगा व्यापक प्रचार प्रसार

निर्देशों के अनुसार सभी सत्र स्थलों पर AEFI (Adverse events following by Immunization) की समुचित मॉनिटरिंग नसिर्ंग स्टाफ, आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनियों का सहयोग लेते हुए पूर्ण सावधानी से की जावे।कोविड टीकाकरण के संबंध में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश आदेश एवं परिपत्रों की पालना सुनिश्चित की जावे। देश के कुछ भागों में टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए आमजन को प्राप्त होने वाली विभिन्न सुविधाओं (यथा महात्मा गांधी नरेगा योजना में रोजगार, उचित मूल्य की दुकान से राशन आदि) की प्राप्ति हेतु टीकाकरण आवश्यक किये जाने के समाचार प्रकाशित हुए है। प्रदेश में इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं किये जावे। इन टीकाकरण कैम्प की तिथि, स्थान व टीकाकरण योजना का प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जावे। ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों द्वारा टीकाकरण कैम्प में की जाने वाली उक्त सामान्य व्यवस्था हेतु 15वें वित्त आयोग तथा राज्य वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग किया जा सकेगा।



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