फिल्मों की इमेज को चेंज करेगी फिल्म "भाभी मां"

प्रत्यूष मिश्रा दो भूमिकाओं में और रानी चटर्जी भाभी माँ के रूप में आएँगी नज़र

पीएसजे मीडिया विज़न के बैनर तले बन रही फिल्म "भाभी मां" में प्रत्यूष मिश्रा का किरदार किस तरह का होगा, इस बात का खुलासा फ़िल्म के कुशल निर्देशक/ निर्माता जय प्रकाश मिश्रा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। पुरस्कार विजेता डायरेक्टर जय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि भाभी मां में प्रत्यूष मिश्रा राम - लक्ष्मण के किरदार को अदा कर रहे हैं।  

अभिनेता / निर्माता सुमित कुमार ने बताया कि हिंदी शार्ट फ़िल्म "गुड मॉर्निंग ईएमआई" में प्रत्यूष जी की एक्टिंग की काफी तारीफ हुई है। इस फ़िल्म को कई नेशनल और इंटरनेशनल अवार्ड्स से भी नवाजा गया, और वो हिंदी फ़िल्म मेरे पापा जो की जय जी के ही निर्देशन में है पहले उसे करना चाह रहे थे, इस वजह से प्रत्युष जी ने शुरू में भोजपुरी फ़िल्म में काम करने से मना कर दिया था। लेकिन फिर हमने इस सब्जेक्ट और भाषा से ऊपर उठकर बनाई जा रही इस फ़िल्म के कॉन्सेप्ट के बारे में उन्हें बताया तो वह राजी हुए। हम लोगों ने भाभी मां के सब्जेक्ट पर काफी मंथन किया है। नदिया के पार जैसी कहानी और संस्कारों को परोसने वाली यह फ़िल्म होगी जिसकी स्क्रिप्ट राईटिंग पर हमने 6-7 महीने वर्कआउट किया है।

प्रत्यूष मिश्रा ने बताया कि भाभी मां में राम और लक्ष्मण दो किरदार मैं प्ले कर रहा हूँ। डायरेक्टर/ निर्माता जय प्रकाश मिश्रा औऱ अभिनेता/निर्माता सुमित कुमार ने जब मुझे इसका नरेशन दिया तो मैं इस रोल के लिए रेडी हुआ। फिल्मी दुनिया मे वर्षों का अनुभाव रखने वाले डायरेक्टर जय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि जब से डिजिटल क्रान्ति आई है, सब कुछ बदल गया है, आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल है, इंटरनेट है, इसलिए फिलहाल फ़िल्में कॉन्सेप्ट और अनोखी कहानी के अनुसार चलती हैं। आज लोग फ़िल्म की भाषा देखकर नहीं किरदार से रिलेट करते हैं। ऐसे में हम भाभी मां एक फुल एंटरटेनर फ़िल्म बना रहे हैं। राम के किरदार में प्रत्यूष मिश्रा को कास्ट करने की एक वजह यह भी है कि जिस तरह राम जी मे कोई ऐब नहीं था उसी तरह प्रत्यूष जी में भी कोई बुरी आदत या खराबी नही है।

हमे लगा कि राम के किरदार के साथ एक ऐसा फ़नकार ही इंसाफ कर सकता है जो खुद राम जैसा चरित्र रखता हो। आप उनका फेस देखे या फिर उनकी भाषा , उनमें राम वाली तमाम खूबियां नजर आती हैं। अभिनेता/निर्माता सुमित कुमार का कहना है कि आज कमर्शियल फ़िल्म बनाने के चक्कर में लोग भारतीय सभ्यता संस्कारों को भूल से गए हैं , फूहड़ता को लोग परोसने लगे हैं । मां के बाद भाभी का दर्जा होता है इसलिए उन्हें भाभी मां कहा जाता है मगर कुछ भोजपुरी गानों और फिल्मों में भाभी को वल्गैरिटी से जोड़ दिया गया। ऐसे में हम तीनों भाइयों का पीएसजे मीडिया विज़न द्वारा भाभी मां जैसी फ़िल्म का निर्माण करना अपनी जड़ों से जुड़ने का एक प्रयास है। 

निर्देशक/ निर्माता जय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि इस फ़िल्म के लिए रानी चटर्जी का लुक टेस्ट हुआ था उसके बाद हमने डिसाइड किया कि रानी भाभी मां का रोल करने के लिए परफेक्ट हैं। इस मूवी के बाद एक्टर साउथ सिनेमा की तरह गर्व से यह कहेंगे कि वह एक भोजपुरी फ़िल्म भी कर रहे हैं। हम इस भाषा की फिल्मों की इमेज को चेंज करने की ओर प्रयासरत हैं।



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