किसी भी चीज के बारे में ज्यादा मत सोचो, हार मानने से बेहतर है कि प्रयास करो : आकांक्षा सक्सेना

जब मैं नेगेटिव हो जाती हूँ तो पीछे मुड़ के देखती हूँ तो ऐसा लगता है कि मेरे लिए क्लेपिंग हो रही है और जब आगे देखती हूँ तो ऐसा लगता है कि दुनिया मेरा वेलकम कर रही है। मेरे लिए यह एक रिफ्रेशमेंट प्रोसेस है यह कहना है इवेंट इंडस्ट्री में अपने दम पर एक खास पहचान बना चुकीं लखनऊ निवासी आकांक्षा सक्सेना का। जिन्होंने शुरुआत से ही मुश्किलों को अपने गोल के सामने नहीं आने दिया और अपने सपनों को पूरा किया।



आज आकांक्षा सक्सेना एक सक्सेसफुल इवेंट मैनेजमेंट कम्पनी चला रही हैं। जिसके तहत वह 100 से अधिक छोटे बड़े इवेंट्स करवा चुकी हैं। आकांक्षा ने बताया कि यूथ अवध इवेंट 2015 में लॉन्च की थी जिसे लखनऊ व पब्लिक दोनों का प्यार मिला। इस कम्पनी का नाम यूथ अवध इसलिए रखा क्यूंकि जब मैंने इसको लॉंच किया था तब मैं खुद यूथ थी, उस दौरान मेरी उम्र 22 साल थी और किसी का भी सपोर्ट नहीं था। स्टार्टिंग में हमने 5-6 इवेंट्स भी करवाए। जिसको सभी लोगों ने सराहा। इसके बाद हमने एक्सपो इंडिया कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड  2017 में लॉन्च की थी। आज दोनों ही कंपनियां अच्छा काम कर रही हैं और हम बड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। अवध गरबा फेस्टिवल व जूरी फैशन लाइफस्टाइल हमारे इनहाउस प्रोजेक्ट्स हैं। आकांक्षा को बेस्ट इवेंट मैनेजमेंट व बेस्ट इवेंट इंफ्लुएंसर का अवॉर्ड देकर सम्मानित भी किया जा चुका है।

आकांक्षा ने अपनी निजी जिंदगी की जानकारियाँ साझा करते हुए बताया कि "मेरा जन्म लखनऊ में 17 मार्च 1992 को हुआ था। मेरी स्कूलिंग एसकेडी एकेडमी से हुई थी और मैंने अपनी ग्रेजुएशन लखनऊ यूनिवर्सिटी से कम्पलीट की थी। अपने करियर स्टार्टिंग के बारे में उन्होंने बताया कि पहले मेरा उद्देश्य आरजे बनने का था। फिर एक बार मुझे एक फैशन शो में जाने का मौका मिला उस दौरान मुझे वहाँ काफी सारी चीजें देखने को मिलीं। शो में लगने वाले सेटअप व प्रोडक्शन पार्ट अच्छा लगा। इसी दौरान कुछ अलग करने का जुनून भी था, तुरंत मैंने आरजे को स्टॉप करके इवेंट मैनेजमेंट करने का डिसीजन ले लिया।



अपने स्ट्रगल के दिनों के बारे में आकांक्षा ने बताया कि जब मैं इंटर में थी तो बीमार पड़ गई थी, आरजे के ऑडिशन्स नहीं दे पाई, चली जाती तो जॉब लग जाती। जब मेरा ग्रेजुएशन कम्पलीट हुआ तो रेडियो चैनल फीवर 104 के लिए ऑडिशन दिया। वैसे तो मैं हमेशा बड़ी कॉन्फिडेंट और टॉकीटिव रहती हूँ लेकिन इस बार पता नहीं क्या हुआ जब मैं ऑडिशन रूम में गई तो एकदम ब्लेंक हो गई। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करना है क्या बोलना है। आरजे बनने का मेरे पास यह एक लास्ट चांस था जो मैं खो चुकी थी। दूसरे ऑडिशन में ही बोल दिया गया कि आप क्वालीफाई नहीं हो। 300 लोगों के बाद जो ऑडिशन दिया था उसमें पास हो गई थी लेकिन इसमें फेल हो गई थी। मम्मी ने बोला कि समझो कि यह तुम्हारी किस्मत में ही नहीं है अगर यह नहीं हो पा रहा तो कोई बात नहीं कुछ और करलो।
इसके बाद मैंने इवेंट कम्पनी स्टार्ट की। सारे दोस्तों ने हाथ पीछे कर लिए, सपोर्ट तो दूर की बात है कोई पूछने तक नहीं आया। लोगों ने एक दूसरे को मेरे लिए भड़काया। तकरीबन 6 महीने मेंटली परेशान रही। इवेंट के साथ साथ मीडिया में भी काम शुरू किया, 3 महीने काम किया। इसके बाद लोगों ने मेरी फेस वैल्यू को टारगेट करना शुरू कर दिया। कोई भी मुझे आगे नहीं बढ़ाना चाहता था। सिर्फ मेरी एक फ्रेंड प्रियंका ने मेरी हेल्प की। हम दोनों स्कूटी से रोज मार्केट जाते थे लेकिन कोई भी डील नहीं मिलती थी। 1 साल तक यह सिलसिला चलता रहा। इसके बाद एक और दोस्त अजय ने हमको जॉइन किया। उसने बोला कि साथ में मिलकर कुछ करते हैं, कम्पनी को अच्छे से चलाते हैं। फिर एक्सपो इंडिया के साथ मिलकर सभी ने काम करना शुरू किया। कई दिन ऐसे भी देखे कि खाना भी नहीं खा पाते थे लेकिन आज उस मुकाम पर हैं कि सब कुछ अच्छा चल रहा है।

आकांक्षा अपना सपोर्ट सिस्टम व इंस्पिरेशन अपनी मम्मी को बताती हैं। उन्होंने कहा कि करियर के हर मोड़ पर हर बात को लेकर मम्मी ने बहुत कुछ सिखाया। दूसरी ओर मैं माधुरी दीक्षित को भी अपना आइडल मानती हूँ। माधुरी को मैंने शुरू से ही फॉलो किया है। इनका हम्बल नेचर, अंडरस्टैंडिंग पावर, कोऑपरेट स्किल अच्छी लगती है। अनुष्का शर्मा भी मुझे बहुत पसंद है। काफी रिजेक्शन के बाद वह आज इस मुकाम पर पहुँची है।

अपनी हॉबीज के बारे में उन्होंने बताया कि मुझे सिंगिंग, डांसिंग, आरजेइंग, फोटोग्राफी करना व नए दोस्त बनाना पसंद हैं। लीडरशिप, कम्युनिकेशन, पॉजिटिव व खुश रहना और चीजों को अच्छे से मैनेज करना मेरी स्ट्रेंथ है। मेरी लाइफ का मोटिव एक अच्छी इंफ्लुएंसर बनना, कंपनी की ग्रोथ बढ़ाना है।



इवेंट इंडस्ट्री में आने वाले न्यूकमर्स को उन्होंने मैसेज देते हुए कहा कि अगर आप भी इस फील्ड में कुछ करना चाहते हैं तो बिना नर्वस हुए चैलेंजेस को फेस करो उनसे घबराओ मत। स्ट्रगल तो हर एक फील्ड में है बस अपने थिंक व थॉट प्रॉसेस को पॉजिटिव रखो।

आकांक्षा का फ्यूचर प्लान आइफा अवॉर्ड करवाना, हर सिटी में कंपनी खोलना, बेस्ट वेडिंग प्लानर बनना है। आकांक्षा का फ्यूचर व ड्रीम प्रोजेक्टस कॉर्पोरेट के साथ साथ वेडिंग इवेंट्स को मैनेज करना, मैगजीन लॉन्चिंग, मीडिया रिलेटेड वर्क को स्टार्ट करना है। साथ ही खुद को इवेंट इंडस्ट्री में और आगे लेकर जाना है।


सांगरी टुडे हिंदी न्यूज़ के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और टेलीग्राम पर जुड़ें .
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBEचैनल को विजिट करें