राजस्थान में शराबबंदी पर ठोस रणनीति नहीं बनी तो नवंबर में करूंगी अनशन : पूनम अंकुर छाबड़ा

प्रदेश में नशे की लत से ग्रसित और हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त व्यक्तियों तथा परिवारों के पुनर्वास के लिए "नवजीवन योजना" के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना लागू करने पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जयपुर । राजस्थान में शराबबंदी पर ठोस रणनीति नहीं बनी तो पूनम अंकुर छाबड़ा नवंबर महीने में अनशन शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को घोषणा की हैं कि प्रदेश में नशे की लत से ग्रसित और हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त व्यक्तियों तथा परिवारों के पुनर्वास के लिए "नवजीवन योजना" के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना लागू करेगी। इस क्रम में पूर्व विधायक स्व. श्री गुरूशरण छाबड़ा की स्मृति में नशे की लत के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

इस विषय में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर 25.74 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को स्वीकृति दी है। सीएम अशोक गहलोत के इस निर्णय का स्वागत करते हैं लेकिन राजस्थान में शराबबंदी पर ठोस रणनीति बननी ही चाहिए। इस निर्णय से पूर्व विधायक श्री गुरूशरण छाबड़ा के साथ 8 सितम्बर, 2013 को हुए समझौते की पालना के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर है। पूनम छाबड़ा ने बताया है कि पूर्व विधायक छाबडा साहब से हुए समझौतों की पालना नही हो रही है इसीके चलते शराबबंदी समर्थकों में नाराजगी है।


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