हर गांव तक मौत का नेटवर्क: पढ़ने की उम्र में नशे से बर्बाद युवा, नस नस में नशा

नशे की लत की चपेट में आए हजारों युवाओं की जिंदगियां बर्बाद हो रही है पढ़ने की उम्र मे स्मैक MD गांजा चरस सहित कई नशे के गिरफ्त में आ रहे हैं युवा

युवाओं में नशे का क्रेज दिनों दिन बढ़ रहा है युवाओं की नशो में नशे का जहर दौड़ रहा है बर्बादी का कारण

अपराध की बढ़ती वजह युवाओं में नशे का कारण पैसे नहीं होने पर चोरियों को अंजाम देते हैं कई बार नशे में ही वाहन चलाते हुए दुर्घटनाएं कारित करते हैं

स्मैक व एमडी से कई हंसती-खिलती जिंदगीयों बर्बाद हो गई है। नशो की आड़ में अवैध धंधे भी बढ़ रहे हैं स्मैक का नशा घोंट रहा है युवाओं की सांसे यह सफेद जहर धुआ के जरिए सांसों को कर रहा है स्वाहा


जालौर बाड़मेर जोधपुर सहित मुंबई गुजरात बड़े शहरों में भी नशे की खेप सप्लाई हो रही है इस इलाकों में खेप पहुंचने के बाद एजेंटों के जरिए जिले के गांव-गांव तक नेटवर्क के जरिए बेची जा रही है युवाओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है लेकिन इसको रोकने के लिए पुलिस भी नाकाम साबित हो रही है।

युवा पीढ़ी नशे की दलदल में फंस चुकी है अब युवाओं को नशा नहीं मिलने पर अपराध का रास्ता चुनते हैं इसी वजह से जिले में बाइक चोरी अन्य चोरी व अपराधिक घटनाओं मे इजाफा हुआ है। नशे के आदी युवक को नशा छुड़वाना भी मुश्किल हो जाता है कई बार नशे से शिकार हुए युवा जिंदगी से परेशान होकर मौत तक का रास्ता चुन लेते हैं।

इसमें कई परिवारों पर दर्द का पहाड़ टूट जाता है समय रहते युवाओं को नशे के चंगुल से नहीं निकाल पाने के कारण अधिक नशा व्यक्ति की मृत्यु की वजह भी बनता है स्मैक व MD के नशे के लिए फाॅयल पेपर पर रखकर लाइटर से जलाते हुए सूंघ कर नशा करते हैं। एमडी के लिए गुटके में मिलाकर करीब आधा घंटा तक मुंह में दबाकर रखते हैं इसमें नशा आता है।

सांगरी टुडे हिंदी न्यूज़ के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और टेलीग्राम पर जुड़ें .
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBEचैनल को विजिट करें